
1 जुलाई से 30 सितंबर तक चलाए जा रहे अभियान के तहत मामलों के शीघ्र निस्तारण का आह्वान
संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में चलाए जा रहे राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के तहत मंगलवार को मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र में बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन जनपद न्यायाधीश महेन्द्र प्रसाद चौधरी के निर्देशन में अपर जनपद न्यायाधीश देवेंद्र नाथ गोस्वामी की अध्यक्षता में हुआ।
बैठक में गोस्वामी ने कहा कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक चलने वाले अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अधिकाधिक मामलों का समाधान मध्यस्थता के जरिए कराना है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक और सेवा विवाद, उपभोक्ता फोरम से जुड़े मामले, ऋण वसूली, संपत्ति बंटवारा, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और अन्य दीवानी प्रकरणों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन वैवाहिक मामले भी शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थगण ऐसे सभी प्रकरणों में पक्षकारों को शीघ्र जानकारी दें — चाहे नोटिस के माध्यम से, व्यक्तिगत कॉल द्वारा या अन्य किसी उपयुक्त माध्यम से — और उन्हें केंद्र पर बुलाकर सार्थक बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में पहल करें। उन्होंने अभियान को पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ सफल बनाने की अपील की।
इस मौके पर एडवोकेट मीडिएटर सरोज बाला पांडेय, राम अनुज राय, अरुण कुमार श्रीवास्तव और संजीव कुमार मौजूद रहे।