मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना रामपुर क्षेत्र अंतर्गत लखनौर गांव के निवासी पवन साहू ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि उनकी पत्नी ने उन्हें मृत दर्शाकर विधवा पेंशन स्वीकृत करा ली।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित Pawan Sahu के अनुसार, उनका विवाह वर्ष 2014 में ममता से हुआ था। वर्ष 2017 से दोनों के बीच विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर वह अपनी पत्नी को प्रतिमाह ₹5,000 भरण-पोषण भी दे रहे हैं। इसके बावजूद पत्नी द्वारा उन्हें मृत दिखाकर विधवा पेंशन लेने का आरोप लगाया गया है।
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प्रधानों की मिलीभगत का आरोप
पवन साहू का आरोप है कि उनकी पत्नी ममता ने दो ग्राम प्रधानों से मिलकर विधवा पेंशन पास करा ली।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई तो महिला कल्याण विभाग से संबंधित दस्तावेज गायब कर दिए गए और रिकॉर्ड “नॉट फाउंड” दिखा दिया गया। साथ ही, विवेचना के दौरान दोनों प्रधानों का नाम भी हटा दिया गया।

पहले भी की थी शिकायत
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। जनसुनवाई पोर्टल पर यह अपडेट दिखाया गया कि संबंधित धनराशि की रिकवरी हो चुकी है।
हालांकि, पवन साहू का आरोप है कि उनके नाम से बना कथित मृत्यु प्रमाण पत्र गायब कर दिया गया है।
आईजीआरएस पोर्टल पर भी की शिकायत
पवन साहू ने बताया कि इस कथित जालसाजी की जानकारी उन्हें वर्ष 2024 में हुई। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्तरों पर शिकायत की, जिसमें आईजीआरएस पोर्टल भी शामिल है।
उन्होंने मांग की है कि:
• महिला कल्याण विभाग की भूमिका की जांच हो
• फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में कानूनी कार्रवाई हो
• संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
