Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तर प्रदेशडीडीयू में मनुपात्रा आनलाइन लीगल डाटाबेस का वर्कशाप सम्पन्न

डीडीयू में मनुपात्रा आनलाइन लीगल डाटाबेस का वर्कशाप सम्पन्न

  • विधि के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को कैम्पस में फ्री एक्सेस करने की है सुविधा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय ग्रंथालय एवं विधि संकाय के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को मनुपात्रा आनलाइन लीगल डाटाबेस के उपयोग के सम्बन्ध में एक कार्यशाला का आयोजन संवाद भवन में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला का शुभारम्भ कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। डा. बिभाष कुमार मिश्रा, विश्वविद्यालय ग्रंथालयी ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत किया तथा विश्वविद्यालय द्वारा मनुपात्रा आनलाइन डाटाबेस के उपयोग करने एवं विद्यार्थियों को भरपूर सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
विद्यार्थियों की भारी संख्या में प्रतिभागिता को देखते हुए कुलपति ने अपने उद्बोधन में आगे से इस कार्यक्रम को दीक्षा भवन में कराने हेतु निर्देशित किया तथा लाइब्रेरी हेतु एक नये भवन, विधि विभाग हेतु एक नये भवन तथा एक बड़े हाल के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने विधि विभाग के एलएल.बी., बी.ए.एलएल.बी., एलएल.एम. के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए मनुपात्रा लीगल डाटाबेस को काफी उपयोगी बताया तथा इसका अधिक से अधिक उपयोग करने पर बल दिया।
मनुपात्रा कम्पनी के वरिष्ठ प्रबन्धक अमरेन्द्र सिंह ने मनुपात्रा डाटाबेस के उपयोग के सम्बन्ध में आनलाइन एक्सेस के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट एवं सभी हाई कोर्ट के जजमेन्ट्स एवं आदेशों, नेशनल एवं इंटरनेशनल डाटाबेस, जर्नल्स, व्यवसायिक एवं आद्योगिक नीति माड्यूल्स, कार्पोरेट ला एवं टेक्सेशन, नोटिफिकेशन एवं सर्कुलर्स, बार एक्ट रूल्स एवं रेगुलेशन्स, कोर्ट फीस, स्टैम्प ड्यूटी, कमेटी रिपोर्ट, अकादमिक ई-बुक्स, कम्पेयर प्रोवीजन्स, लीगल डिक्शनरी, लीगल टेक्सोनामी आदि को सर्च करने, डाउनलोड कर अध्ययन करने तथा अपने कैरियर में कोट करने पर विस्तार से ट्रेनिंग दी।
उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान भी किया।
विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो.अहमद नसीम ने भी मनुपात्रा डाटाबेस को अध्ययन एवं शोध कार्य के लिए काफी उपयोगी बताया तथा इसका अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों को प्रोत्साहित किया।
आभार ज्ञापन प्रो. जितेन्द्र मिश्र, समन्वयक, बी0ए0एलएल0बी0 तथा मंच का संचालन डा0 त्रियुगी नारायण मिश्रा ने किया।
इस कार्यशाला में विधि विभाग के शिक्षकगण, केन्द्रीय ग्रंथालय के कर्मचारीगण तथा भारी संख्या में विधि विभाग के विद्यार्थी एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments