संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की धनघटा तहसील के छपरा पूर्वी गांव में राजस्व अभिलेखों की गंभीर त्रुटि उजागर हुई है, जहां हजारों लोगों की निजी भूमि सरकारी रिकॉर्ड में ‘सरकारी’ अथवा अकृषि श्रेणी में दर्ज हो गई है। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मामले को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उपजिलाधिकारी धनघटा को कैंप लगाकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, छपरा पूर्वी और कोचरी, परगना महुली पूरब की कई गाटा संख्याएं श्रेणी 6-2 के अंतर्गत अकृषि भूमि, सड़क, रेलवे भवन आदि के रूप में अंकित हैं। इस वजह से वास्तविक खातेदारों के नाम खतौनी में दर्ज नहीं हो पाए हैं। बैनामा और वरासत से संबंधित प्रविष्टियां भी रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो सकी हैं।
दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया बाधित होने से लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान न होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या रखी।
ग्रामीणों की मांग है कि खतौनी में दर्ज गलत श्रेणियों को संशोधित कर सभी प्रभावित भूमिधरों के नाम सही ढंग से दर्ज किए जाएं, ताकि राजस्व अभिलेखों में पारदर्शिता बहाल हो सके।
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