हजार आवेदन, 140 सपने और पूर्वांचल की नई उड़ान: जागृति इन्क्यूबेशन कोहोर्ट 2026-27 का भव्य शुभारंभ
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल में उद्यमिता की नई ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को नई दिशा देने के उद्देश्य से बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में शुक्रवार को जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम 2026-27 के नए कोहोर्ट का भव्य शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और पारंपरिक तिलक के साथ उद्यमियों का स्वागत किया गया तो बरगद सभागार उत्साह, उम्मीद और नए विचारों से जीवंत नजर आया।
करीब एक हजार आवेदनों में से चयनित 140 उद्यमियों ने इस कोहोर्ट में जगह बनाई है। देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीर नगर, महाराजगंज, बलिया और मऊ समेत सात जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों के चेहरे पर अपने सपनों को कारोबार में बदलने का आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल सेवाएं, महिला उद्यमिता, हस्तशिल्प और स्थानीय नवाचार जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवा अब एक वर्ष तक जागृति के मार्गदर्शन में अपने व्यवसाय को नई पहचान देने की तैयारी करेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Shashank Mani ने कहा कि भारत की वास्तविक आर्थिक ताकत हमेशा उद्यमिता रही है। उन्होंने कहा कि केवल नौकरी आधारित सोच देश की संभावनाओं को सीमित करती है, जबकि उद्यम समाज और राष्ट्र दोनों को आगे बढ़ाने की शक्ति रखता है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को रोजगार और परिवर्तन का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
जागृति के सीईओ Ashutosh Kumar ने कहा कि चयनित उद्यमियों को केवल दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि उनके विजन और सोच के आधार पर चुना गया है। उन्होंने अनुशासन, निरंतर संवाद और सहयोग को सफल उद्यमिता की सबसे महत्वपूर्ण शर्त बताया।
इन्क्यूबेशन डायरेक्टर Vishwas Pandey ने कार्यक्रम के 7M आधारित इन्क्यूबेशन मॉडल की विस्तृत जानकारी दी। वहीं एसटीईपी पार्टनरशिप प्रमुख Gunjan Verma ने महिला नेतृत्व और उद्यम विकास पर विशेष सत्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान “मध्य भारत में व्यापार की चुनौतियां” और “निवेशकों के साथ वित्तीय परिचय” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में सीए विजय लाढा, अभिलेख वर्मा, सर्वेश पांडेय, तरुण आर्य, रवि कुमार और सूर्या मिश्रा ने बाजार, निवेश और व्यवसाय विस्तार से जुड़े अनुभव साझा किए। सीए जतिन श्रीवास्तव ने बिजनेस हाइजीन और व्यवसायिक अनुशासन पर मार्गदर्शन दिया।
विशेष आकर्षण रही Shradha Sharma के साथ आयोजित फायरसाइड चैट, जिसमें महिला नेतृत्व, नवाचार और नए भारत में उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जागृति इन्क्यूबेशन प्रोग्राम पूर्वांचल के उद्यमियों को एक वर्ष तक संरचित प्रशिक्षण, मेंटरशिप, बाजार रणनीति, ब्रांडिंग, नेटवर्किंग और निवेश तैयारी से जोड़ने वाला मॉडल है। कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को डिजिटल टूल्स, आईपीआर, जीआई टैग, पेटेंट, सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा। जागृति का मानना है कि यह पहल स्थानीय उद्यमों की आय, बाजार पहुंच और रोजगार सृजन क्षमता को नई गति देगी।
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