“CEC बैठक में बना बड़ा आम सहमति — बिहार में जल्द चुनाव का बिगुल”

छठ के बाद ही बिहार में मतदान की मांग, सभी दलों ने कहा — एक चरण में हो चुनाव

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ हुई अहम बैठक में चुनावी माहौल गर्मा गया।
बैठक में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू, डॉ. विवेक जोशी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंज्याल और आयोग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

राजनीतिक दलों ने आयोग से छठ पर्व के तुरंत बाद और न्यूनतम चरणों में मतदान कराने की मांग की ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
🔹लोकतंत्र की नींव हैं राजनीतिक दल: मुख्य चुनाव आयुक्त
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि “राजनीतिक दल लोकतंत्र की आधारशिला हैं, इसलिए पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उनकी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
आयोग ने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव को लोकतांत्रिक उत्सव के रूप में सद्भाव और सम्मान के साथ मनाएँ।
साथ ही सभी दलों से आग्रह किया गया कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने मतदान अभिकर्ताओं की नियुक्ति सुनिश्चित करें, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
🔹 मतदाता सूची शुद्धिकरण की सराहना
दल प्रतिनिधियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को पारदर्शी व त्रुटिहीन बनाने के लिए आयोग के प्रयासों की सराहना की।
साथ ही आयोग द्वारा प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय करने के निर्णय को भी स्वागत योग्य बताया।
🔹जेडीयू और भाजपा ने रखा अपना पक्ष
जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और राज्य में एक ही चरण में मतदान कराया जा सकता है।उन्होंने कहा — “अगर महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हो सकते हैं, तो बिहार में क्यों नहीं?”
वहीं बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि आयोग ने सभी दलों से अनुरोध किया है कि मतदान समाप्त होने के बाद उनके पोलिंग एजेंट फॉर्म 17C अनिवार्य रूप से जमा करें, क्योंकि आयोग किसी भी समय चुनाव तिथियों की घोषणा कर सकता है।
🔹भरोसे और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि आगामी बिहार चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूरी तरह पारदर्शी होंगे।
दल प्रतिनिधियों ने आयोग द्वारा डाक मतपत्र गिनती प्रक्रिया और फॉर्म 17C सुधार जैसी नई पहलों की भी सराहना की।
बिहार में चुनावी बयार तेज़ है। राजनीतिक दल एक स्वर में छठ के बाद चुनाव और न्यूनतम चरणों की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं, जो जल्द ही बिहार विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित कर सकता है।

ये भी पढ़ें –अमृतसर हादसा: बेकाबू ट्राले ने मां-बेटे समेत तीन को कुचला, मौके पर मौत — इलाके में मचा हड़कंप

ये भी पढ़ें –सड़क धंसी, जलजमाव और बाढ़ ने किया शहर का हाल बेहाल

ये भी पढ़ें –उत्तर प्रदेश में 7 अक्तूबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश, शासन ने जारी किया आदेश

ये भी पढ़ें –खुखुन्दू थाना पुलिस ने गिरे पेड़ हटाकर बहाल की यातायात व्यवस्था

Editor CP pandey

Recent Posts

विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…

8 hours ago

बीबीएयू में बेटियों के लिए एनसीसी का बिगुल, 30 अगस्त तक मौका

नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…

20 hours ago

सेंट्रल बैंक के स्थापना दिवस पर आरसेटी देवरिया में हुआ भव्य पौधरोपण, “एक पेड़ माँ के नाम” का दिया संदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…

24 hours ago

शहीद शिवराज सोनार की याद में रक्तदान का महाअभियान, एसपी ने की पहल की सराहना

अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…

24 hours ago

काकोरी ट्रेन एक्शन: पटरियों पर गूंजी वह हुंकार, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी

सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…

2 days ago

सतत कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार: भुवनेश्वर नाथ पांडेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…

3 days ago