महासुदर्शन धर वासुदेव को नमन,
श्री धन्वंतरि भगवान जी को नमन,
अमृत कलश जिनके हाथों में है,
महाप्रभू त्रिलोकनाथ को नमन।
सर्व भय से निर्भय करने वाले,
सर्व रोगों से निरोगी करने वाले,
सर्व पापों को नष्ट करने वाले,
त्रिलोक पथगामी प्रभू को नमन।
महाविष्णुस्वरूप, धन्वंतरिस्वरूप,
श्री श्री श्री औषधचक्र धारी प्रभू,
श्री ॐ नमोनारायण जी को नमन,
महाप्रभू त्रिलोक स्वामी को नमन।
भगवान धनवंतरि अमृतधारी हैं,
सारे अनिष्ट वही नष्ट करते हैं,
आदित्य त्रिलोक नाथ को नमन,
विष्णु अवतार श्रीराम को नमन।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
🔮 आज का मूलांक राशिफल 2026: मूलांक 1 से 9 तक का विस्तृत अंक ज्योतिष…
17 फरवरी 2026, मंगलवार का पंचांग हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। आज फाल्गुन…
🕉️ मंगलवार का दिन, बजरंगबली की पूजा और ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव17 फरवरी मंगलवार का राशिफल…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में बच्चों को खतरनाक संक्रामक बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से…
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। विश्वविद्यालय में अनुसंधान को नई दिशा और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से…
भक्ति के रंग में रंगा बनकटाशिव, वेद मंत्रों और भजनों की गूँज से मंत्रमुग्ध हुए…