संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में मकर संक्रांति पर लगने वाले पारंपरिक खिचड़ी मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आमी नदी के तट पर स्थित निर्वाण स्थली पर मकर संक्रांति के दिन क्षेत्र के श्रद्धालु परंपरा के अनुसार संत कबीर को खिचड़ी भी चढ़ाएंगे। मेले से पहले ही परिसर में विभिन्न क्षेत्रों से दुकानदार पहुंचने लगे हैं और दुकानों के साथ झूलों की स्थापना भी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके चलते इन दिनों निर्वाण स्थली परिसर में चहल-पहल और उत्सव जैसा माहौल बन गया है। हर वर्ष 12 से 18 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले मगहर महोत्सव के साथ खिचड़ी मेले का आयोजन परंपरागत रूप से होता रहा है, जिससे मेले की भव्यता और महत्व और बढ़ जाता था। हालांकि इस वर्ष मगहर महोत्सव के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, इसके बावजूद खिचड़ी मेले को लेकर दुकानदारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मेला परिसर में खाद्य सामग्री, खिलौने, श्रृंगार, घरेलू उपयोग की वस्तुओं सहित विविध प्रकार की दुकानें सज चुकी हैं। निर्वाण स्थली के प्रवेश द्वार के सामने लगी खजले और मिठाइयों की दुकानें श्रद्धालुओं और आगंतुकों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं फुटपाथों पर ठेलों पर सजी दुकानों से परिसर की रौनक और बढ़ गई है, जिसका स्वाद यहां आने वाले लोग बखूबी लुत्फ उठा रहे हैं। दुकानदारों का मानना है कि चाहे महोत्सव का आयोजन हो या न हो, खिचड़ी मेले की पारंपरिक आस्था और भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कुल मिलाकर, मगहर में खिचड़ी मेले की तैयारियों ने पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया है।
मगहर में खिचड़ी मेले की तैयारियों से बढ़ी रौनक, दुकानों और झूलों से सजा मेला परिसर
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