माघ मेला 2026: मौनी अमावस्या पर डीआरएम की रेल निगरानी

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। माघ मेला–2026 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर श्रद्धालु यात्रियों की सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वाराणसी आशीष जैन ने मण्डलीय अधिकारियों के साथ झूंसी एवं प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया और यात्री सुविधाओं की सघन निगरानी की।

निरीक्षण के दौरान डीआरएम के साथ वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. रामाकृष्णन, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (तृतीय) आयुष कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एंड वैगन) अनुभव पाठक, सहायक यांत्रिक इंजीनियर ओजस श्रीवास्तव, सहायक परिचालन प्रबंधक ओम प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मेला यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा प्रयागराज रामबाग एवं झूंसी स्टेशनों से 12 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वापसी यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त मेला स्पेशल गाड़ियां भी चलाई जाएंगी।

डीआरएम वाराणसी ने स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, मेला स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था और यात्री सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग की। यात्रियों को ट्रेनों की सटीक जानकारी देने, भीड़ को नियंत्रित रखने और व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में आरपीएफ, रेलकर्मी और टीटीई तैनात किए गए हैं। साथ ही, 24 घंटे संचालित जन सहयोग काउंटर यात्रियों को निरंतर सहायता प्रदान कर रहे हैं।

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सुरक्षा के मद्देनज़र आरपीएफ द्वारा स्टेशन परिसर, यात्री आश्रय स्थलों, पैदल उपरिगामी पुलों (FOB) और प्लेटफॉर्म पर मेगा माइक के माध्यम से यात्रियों को निर्देश और जागरूकता संदेश दिए गए।

मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान डीआरएम ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं समीक्षा की और प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया व यात्री आश्रयों का निरीक्षण किया।

इसके अलावा, डीआरएम वाराणसी ने मेला स्पेशल ट्रेनों का निरीक्षण कर साफ-सफाई, पावर कार, लोको और कोचों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ट्रेनों में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया।

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Karan Pandey

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