Categories: मनोरंजन

नवजोत सिंह सिद्धू बोले – ‘मेरे बाबा की आंखों में आंसू आ गए थे’, इंडियाज गॉट टैलेंट पर याद किया संघर्ष का दौर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। क्रिकेटर से नेता और अब टीवी पर्सनालिटी बन चुके नवजोत सिंह सिद्धू इन दिनों सोनी टीवी के रियलिटी शो ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ (India’s Got Talent) में बतौर जज नजर आ रहे हैं। शो के बारे में बात करते हुए उन्होंने न सिर्फ इसके मकसद की तारीफ की, बल्कि अपने शुरुआती संघर्षों को भी याद किया, जिसने उन्हें “स्ट्रोकलेस वंडर” से “स्ट्रोक्स थंडर” बनने तक का सफर तय करवाया।

इंडियाज गॉट टैलेंट को बताया “टैलेंट का खजाना”

उन्होंने आगे कहा कि,

“असम का ग्रुप भूपेन हजारिका की याद दिलाता है, राजस्थान का एक मदारी पारंपरिक कला लेकर आया, और एक छोटी बच्ची ने योग का असली अर्थ सिखाया। यही इस शो की खूबसूरती है।”

संघर्ष का दौर: “चार साल तक रंगीन कपड़े नहीं पहने”

अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत पर बोलते हुए सिद्धू ने कहा,

“मुझे ‘स्ट्रोकलेस वंडर’ कहकर दफना दिया गया था। मेरे बाबा की आंखों में आंसू आ गए थे। उनका सपना था कि मैं इंडिया के लिए खेलूं, लेकिन मुझे टीम से निकाल दिया गया।”

उन्होंने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने खुद से वादा किया कि अब हार नहीं मानेंगे।

“चार साल तक मैंने रंगीन कपड़े नहीं पहने। अखबार में छपे उस आर्टिकल को मैं अपने बिस्तर के पास चिपकाकर सोता था। रोज सुबह 3 बजे उठता, सवा सौ छक्के मारता और तब तक प्रैक्टिस करता जब तक हाथों से खून न निकल आए।”

“स्ट्रोकलेस वंडर से स्ट्रोक्स थंडर” बनने की कहानी

सिद्धू ने कहा,

“चार साल की मेहनत के बाद वर्ल्ड कप टीम में जगह मिली। पहले दो मैचों में मैंने खूब छक्के लगाए। रवि शास्त्री ने अखबार दिखाकर कहा – ‘यही वो अखबार है जिसने लिखा था कि सिद्धू खत्म हो चुका है।’ उसी दिन अखबार के पहले पेज पर लिखा था – ‘नवजोत सिंह सिद्धू : स्ट्रोकलेस वंडर से स्ट्रोक्स थंडर तक’।”

सिद्धू ने कहा कि उनकी कहानी इस बात का सबूत है कि “इंसान अपना मुकद्दर खुद बनाता है।”

मलाइका अरोड़ा को बताया शो की “जान”

‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में अपने साथी जजों के बारे में बोलते हुए सिद्धू ने कहा,

“हर जज से मैंने कुछ सीखा है। मलाइका शो की सूत्रधार हैं – असल में शो की जान हैं। उनका अनुशासन और गरिमा से भरा अंदाज देखने लायक है। वहीं, शान से मैंने सीखा कि गुस्सा जरूरी नहीं होता। उसका मुस्कुराता चेहरा बहुत सुकून देता है।”

आईजीटी बनाम कपिल शर्मा शो: “यहां असली पर्सनालिटी दिखाने का मौका”

सिद्धू ने कहा,

“इंडियाज गॉट टैलेंट में मुझे मेरी असली पर्सनालिटी दिखाने का मौका मिलता है। यह शो सिर्फ हंसी-मजाक नहीं, बल्कि गंभीरता और इनोवेशन भी लेकर आता है। आप नहीं जानते कि अगला परफॉर्मेंस आपको कितना चौंका देगा – यही इसकी खूबसूरती है।”

उन्होंने आगे कहा कि,

“कपिल शर्मा को मैंने उनके शुरुआती सीजन में डिस्कवर किया था। कपिल की जर्नी संघर्ष और बेहतर करने का प्रतीक है। उनके शो में एडिटिंग के कारण सिर्फ हंसी का हिस्सा दिखता था, लेकिन आईजीटी में हर भावना – हंसी, गंभीरता और इंस्पिरेशन – सब कुछ दिखाने का अवसर मिलता है।”

नवजोत सिंह सिद्धू का यह इंटरव्यू न सिर्फ उनके संघर्ष और प्रेरणा की कहानी बताता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वे आज भी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को सफलता की असली चाबी मानते हैं।

Karan Pandey

Share
Published by
Karan Pandey

Recent Posts

कहीं आर्थिक लाभ तो कहीं तनाव, जानें सभी 12 राशियों का हाल

आज का राशिफल: आर्थिक लाभ से व्यापार में बढ़ेगी रफ्तार, कई राशियों को मिलेंगे सफलता…

37 minutes ago

जॉय बरुआ ने अंतरिक्ष तक पहुंचाया असम का संगीत, रानी मुखर्जी से नानी तक इन खबरों ने बटोरी सुर्खियां

अंतरिक्ष से सिनेमा तक छाया भारतीय हुनर, जॉय बरुआ की वैश्विक उड़ान से लेकर बॉलीवुड…

8 hours ago

मंच पर उमड़ी सपाइयों की भीड़ से नाराज हुए शिवपाल, बोले- अनुशासन में रहें कार्यकर्ता

ओपी राजभर पर शिवपाल का पलटवार—बोले, उनका दिमाग खिसक गया है, अच्छे डॉक्टर की जरूरत…

8 hours ago

पूजा में कौन-सी बाती जलाएं? रुई और कलावे की बाती को लेकर जानें सनातन परंपरा

रुई या कलावे की बाती—कब और किस पूजा में जलाएं? जानिए धार्मिक मान्यताएंलेखक : पंडित…

8 hours ago

स्मार्टफोन से ऊबे युवा! लौट आया पुराना जमाना, वायर्ड ईयरफोन और MP3 प्लेयर की बढ़ी दीवानगी

डिजिटल दुनिया से दूरी की नई कहानी: स्मार्टफोन के दौर में पुराने गैजेट्स की वापसी,…

8 hours ago

हजार साल पुराना बृहदेश्वर मंदिर और कल्कि मंदिर का रहस्य, आस्था से वास्तुकला तक अनोखी कहानी

रहस्यमयी मंदिरों की अद्भुत गाथा: बृहदेश्वर के वास्तु-विस्मय से कल्कि मंदिर की दिव्य मान्यता तक…

9 hours ago