देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l आगामी 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, जो भारत में ग्रसोदित खंड चंद्रग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार ग्रहण का प्रारंभ दोपहर 3:20 बजे, मध्य 5:04 बजे और मोक्ष सायं 6:47 बजे होगा। चंद्रोदय लगभग 5:59 बजे होने के कारण भारत में ग्रहण का प्रारंभ नहीं दिखेगा, केवल मोक्ष ही दृश्य होगा। इसके अगले दिन 4 मार्च 2026, बुधवार को पूरे देश में होली (बसंत उत्सव) मनाई जाएगी।
आचार्य पंडित रवि कुमार पाठक के अनुसार यह चंद्रग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। चंद्रास्त के समय ग्रहण का प्रभाव अर्जेंटीना, पराग्वे, बोलीविया, ब्राज़ील, ग्रीनलैंड और उत्तरी अटलांटिक महासागर में देखा जाएगा, जबकि चंद्रोदय के समय रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर क्षेत्र में इसका अंतिम चरण दृष्टिगोचर होगा।
ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी। भारत के सुदूर पूर्वी भागों में खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष दिखाई देगा, जबकि शेष क्षेत्रों में खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष ही देखा जा सकेगा।
होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार को फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी के दिन होगा। रात्रि में भद्रा होने के कारण भद्रापुच्छ काल रात्रि 12:50 से 2:02 बजे के मध्य होलिका दहन का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है। ग्रहण के अगले दिन प्रतिपदा तिथि में होली का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा।
