Lunar Eclipse 2026: आज साल का सबसे बड़ा पूर्ण चंद्रग्रहण (Full Lunar Eclipse) लग रहा है, जिसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल और नारंगी आभा में नजर आएगा। यह खगोलीय घटना तब होती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन ही संभव है, जब तीनों खगोलीय पिंड लगभग एक सीध में होते हैं। जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (उम्ब्रा) में प्रवेश कर जाता है, तब पूर्ण चंद्रग्रहण होता है।
क्यों लाल दिखता है चंद्रमा?

पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल दिखाई देना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया का परिणाम है।
जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरता है, तो नीली रोशनी ज्यादा बिखर जाती है, जबकि लाल और नारंगी तरंगदैर्घ्य कम बिखरते हैं। यही लाल रोशनी पृथ्वी के वातावरण से मुड़कर चंद्रमा तक पहुंचती है और उसे रक्तिम रंग प्रदान करती है।
इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
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ग्रहण का समय
आरंभ: दोपहर 3:20 बजे
समाप्ति: शाम 6:48 बजे
भारत में अधिकतर जगहों पर चंद्रमा उदय के समय अंतिम चरण दिखाई देगा
पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पूर्ण अवस्था की अंतिम झलक स्पष्ट देखी जा सकेगी।
दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई और कन्याकुमारी में यह करीब 30 मिनट तक दिखाई दे सकता है।
किन देशों में दिखेगा?
यह पूर्ण चंद्रग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में अलग-अलग चरणों में दिखाई देगा। अनुमान है कि दुनिया की लगभग 40% आबादी इस खगोलीय घटना का कम से कम एक हिस्सा देख सकेगी।
खास क्यों है यह ग्रहण?
• साल 2028 के बाद ऐसा संयोग फिर बनेगा
• वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए दुर्लभ अवसर
• बिना किसी विशेष उपकरण के नंगी आंखों से देखा जा सकता है
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