बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। सरकार पर्यावरण पर विशेष ध्यान देते हुए करोड़ों रुपए खर्च कर वृक्षारोपण पर विशेष जोर दे रही है। लेकिन आरक्षित अब्दुल्लागंज रेंज क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों की कटान पर नहीं लग रहा अंकुश। जहां पृथ्वी को हरा भरा रखने व पर्यावरणपर पर्यावरणविद् संगठन के लोग नदी,झील, पोखरा, तालाब पर वृक्षारोपण कर पृथ्वी को हरी भरी रखने के लिए पर्यावरण की अलख जगा रहे हैं। लेकिन एक तरफ लकड़ कट्टों के कटान से इस पर ग्रहण लग रहा है। अब्दुल्ला गंज क्षेत्र में बिना परमिट के लकड़ी कटान माफिया हरे भरे पेड़ का कटान करते हैं। जहां एक उदाहरण हरे भरे पेड़ों का कटान अब्दुल्लागंज रेंज अन्तर्गत ग्राम सिपुरा में लकड़ी ठेकेदारो ने बिना परमिट के सागौन और हरे आम के पेड़ को काट कर उठा ले गये।
इसे पढ़ें –https://rkpnewsup.com/youth-injured-in-road-accident-dies-case-registered/
शिकायत के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची जिससे लकड़ी कट्टों के हौसले बुलंद हैं।एक तरफ वन विभाग करोड़ों रुपए खर्च कर पर्यावरण के संरक्षण के लिये जगह-जगह पौधा रोपण कर रही है ,तो दूसरी तरफ वन माफियाओं व वन कर्मियों की मिली भगत से हरे पेड़ों पर आरा चल रहा है। शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। शनिवार को अब्दुल्ला गंज रेंज अन्तर्गत शिवपुरा गांव में गांव के पच्छिम दिशा में विजय बहादुर की बाग में एक हरा भरा आम का पेड़ गुलाम गांव के ठेकेदार द्वारा काटा गया दूसरा एक पेड़ सागौन का गांव के पूरब में रामबक्स की बाग से ठेकेदारों द्वारा काटा गया दोनों पेड़ों के सम्बन्ध में जब वन क्षेत्राधिकारी अब्दुल्ला गंज पंकज कुमार साहू से जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि सूचना मिली है और जांच करवा कर जुर्माना किया जायेगा।
