बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
राम कथा के तृतीय दिवस शुक्रवार को बीआरडी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर शरद चंद्र मिश्र मानस के माध्यम से चित्रकूट पर चर्चा करते हुए, कहा कि प्रभु श्री राम ने चित्रकूट को अपना निवास स्थान बनाया, चित्रकूट की महिमा इसलिए बढ़ जाती है कि चित्रकूट के आसपास के क्षेत्र में ऋषि महर्षियों का आश्रम रहा है और भगवान ऋषि महर्षियों की रक्षा के लिए ही अवतार लिए थे, उन्होंने कहा कि विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार प्रभु श्रीराम ने संत महात्मा और ऋषि महर्षियों के लिए ही इस भारत भूमि पर अवतार लिया था, इसीलिए उन्होंने चौदह वर्ष का वनवास भी स्वीकार किया।चित्रकूट पर उन्होंने विस्तृत चर्चा की।इसी क्रम में वाराणसी से पधारे डॉ योगेंद्र पाण्डेय ने हनुमानजी की कथा का सुन्दर वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिए,उन्होंने कहा कि हनुमानजी का चालीस पढ़ने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा के दौरान आश्रम के पीठाधीश्वर आञ्जनेय दास महाराज, वीरेंद्र त्रिपाठी, बलभद्र त्रिपाठी, प्रेम शंकर पाठक, डॉक्टर किरण पाठक ,अशोक शुक्ला, परशुराम पाण्डेय ,डॉक्टर एस एन तिवारी, सावित्री राय, उमेश मणि, ओमप्रकाश दुबे, निखिल द्विवेदी, शिवम पांडे, अनमोल मिश्र उर्मिला मिश्रा, पुष्पा पांडे, अभय कुमार पांडे, मनीष श्रीवास्तव, रविंद्र मिश्र, शकुंतला मिश्र ,रेखा मिश्र,सहित समस्त शिक्षक संस्थाओं के शिक्षक एवं कर्मचारी गण एवं क्षेत्रीय जनमानस उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन विनय कुमार मिश्र ने किया।
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