Tuesday, February 17, 2026
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पशुधन रोजगार का सशक्त साधन

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l उ0प्र0 गो सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय (दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री) ने गोरखपुर में पशुपालन विभाग के अधिकारियों, गोरक्षप्रान्त के पदाधिकारियों, विभिन्न कृषि संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एनेक्सी भवन में बैठक किया। उन्होंने कहा गाय हमारी माता है। उनके द्वारा प्रदत्त गोवर, गोमूत्र से उन पर आने वाले खर्च से भी अधिक आय प्राप्त होता है। गोवर गोमूत्र के प्रयोग से जैविक खेती आज की आवश्यकता है जिससे जहर मुक्त भोजन उपलब्ध होगा। आज कैंसर और डाईबीटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसका कारण कीट नाशक दवाओं एवं रासायनिक खादों का अंधाधुध प्रयोग है।
मुख्यमंत्री की महत्त्वाकांक्षी योजना है कि देशी गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाय। इसके लिए सरकार द्वारा तमाम योजनाए संचालित है, जैसे- मुख्यमंत्री सहभागिता योजना, जिसमें एक किसान गोशाला से चार पशु ले सकता है और प्रत्येक पशु पर रूपया 50 प्रति दिन की दर से प्राप्त कर सकता है। ग्राम विकास विभाग द्वारा संचालित योजना में गाय के लिए कैटील शेड नि:शुल्क बना कर दिया जाता है। पंचायती राज विभाग द्वारा सबसिडी पर गोबर गैस योजना संचालित है। इस प्रकार वे रोजगार युवक योजना का लाभ लेकर समाज को जहर मुक्त खाद्ययान उपलब्ध करा सकता है। यही सबसे बड़ी राष्ट्रीय सेवा भी होगी।
बैठक में अपर निदेशक पशुधन डा0 अरविन्द कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 धर्मेन्द्र पाण्डेय, डा0 संजय श्रीवास्तव, डा0 सरोज कुमार चैधरी, डा0 जनार्दन यादव, डा0 अजय पटेल, डा0 राजीव प्रजापति, डा0 बीपी सिंह, डा0 बीके सिंह, डा0 नवीन वर्मा , राजेश कुमार, गोसेवक वरूण वैरागी आदि रहे।

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