यूपी सीमा के श्रीरामपुर, लार, भाटपार रानी, बनकटा,थाना क्षेत्र के कई जगह से जुड़ा है बिहार का इकलौता मैरवा थाना
भाटपार रानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश बिहार बार्डर सीमा क्षेत्र में ऐसे भी कलमकार हैं जो हर हाल में उत्तर प्रदेश सीमा के कुछ थाने में अपना सिक्का चलाने में लगे रहते हैं। आखिर कैसे किसी थाने को दारू तस्करी के खबरों के जरिए अपना प्रभाव कायम किया जा सके जो केवल निजी हित साधन तक ही अपने कलम को सीमित रखते हैं।
प्राप्त समाचार के मुताबिक उपरोक्त के संदर्भ में पड़ताल किया सूत्रों से तथ्य सामने आया कि कैसे यूपी के किसी एक थाना क्षेत्र के ही थाने एवं चौकी प्रभारी पर अपना दबाव एवं प्रभुत्व बनाए रखने के लिए सीमा क्षेत्र के कथित कलमकार अपने कलम का बेजा दुरुपयोग एवं गलत इस्तेमाल जनहित के लिए करने के बजाए जनहित के विरुद्ध खुद के प्रभाव स्थापित करने में लगातार करते आ रहे हैं। चर्चा है प्रायः थानेदार लोग इनके आगे नतमस्तक भी होते आए हैं।उत्तर प्रदेश सीमा के चार थाना क्षेत्र से अलग अलग जगह से अलग समय पर दारू एवं इलाके में सक्रिय दारू तस्करों द्वारा तस्करी सहित अन्य वारदात को अंजाम दिया जाता रहा है। जबकि चार यूपी के थाना क्षेत्र के अलग अलग गांव से हो कर बिहार के महज दो थाना क्षेत्रों मैरवा एवं गुठनी से जुड़ने वाले उत्तर प्रदेश के चारों थाना क्षेत्र एवं अलग अलग जगह के ग्रामीण स्थलों से भी प्रायः तस्करी करते तस्कर एवं अन्य की गिरफ्तारी बिहार के मैरवा थाना एवं गुठनी थाना द्वारा निरंतर किया जाता रहा है। जो कुछ कलमकार द्वारा अन्य थाना क्षेत्र को छोड़ कर भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के एक मात्र बार्डर के थाने एवं चौकी प्रभारी को अपने प्रभाव में लेने के उद्देश्य से जनता का अहित करने एवं खुद के निजी हित साधन हेतु स्थानीय स्तर पर खबर लिखे जाते रहे हैं। जिसमें मैरवा पुलिस के धरनी छापर पुलिस चौकी के द्वारा बरामद दारू के आंकड़े की बाजीगरी तो दिखाई जाती रही है किंतु यूपी के अन्य थाना क्षेत्रों के जरिए होने वाली तस्करी एवं उन के सीमा से लगे मैरवा थाना क्षेत्र में हुई दारू की बरामदी को छुपाया जाता रहा है।
सूत्रों से खबर है कि अब भाव मिलते ही अनर्गल आंकड़े एवं
खबरें लिखने बन्द होने ही वाले हैं।
वहीं इस संदर्भ में थाना प्रभारी मैरवा ने बताया की मैरवा थाना क्षेत्र के यूपी के चार थाना क्षेत्र से सीमा जुड़े हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्र से हो कर अलग-अलग लोगों के जरिए आने वाले तस्करी के दारु को समय समय पर दारू की बरामदगी एवं आवश्यक कार्रवाई समय-समय पर किया जाता है। जो इसी क्रम में ही धरनी छापर पुलिस चौकी पर भी कभी कभार होने वाली बरामदगी होती रही हैं।
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