सिकंदरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
तहसील क्षेत्र के मौजा लिलकर में भूमि सीमांकन को लेकर प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। गाटा संख्या 619 व 620, कुल रकबा लगभग 350 एकड़ की पैमाइश और सीमांकन की मांग को लेकर समस्त ग्रामवासी आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 जनवरी 2026 तक सीमांकन की कार्रवाई नहीं कराई गई तो 8 जनवरी से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी बलिया द्वारा 15 अक्तूबर 2025 को काश्तकारों और पट्टेदारों की भूमि का सीमांकन कराने का स्पष्ट आदेश जारी किया गया था। इसके अनुपालन में अपर जिलाधिकारी बलिया ने 24 नवंबर 2025 को राजस्व टीम गठित कर पैमाइश कराने का निर्देश भी दिया, लेकिन इसके बावजूद अब तक सीमांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। आदेशों के बावजूद कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार सीमांकन न होने के कारण काश्तकारों और पट्टेदारों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। भूमि विवाद के चलते खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है और गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल सीमांकन कराए जाने की मांग की है। धरना-प्रदर्शन की चेतावनी देने वालों में भागवत, संतोष यादव, धुव्रचंद राम, बरमेश्वर नाथ मिश्रा और रामाशंकर यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। चेतावनी के बाद तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
