महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल तहसील के ग्राम पंचायत बढ़या के टोला गेठीहवां में गन्ने के खेत में तेंदुए के हमले से किशोरी की मौत ने पूरे जनपद को स्तब्ध कर दिया। घटना में ग्राम निवासी आबिद अली की पुत्री सैरून निशा मौके पर ही असमय मृत पाई गई। घटना के बाद गांव में मातम और आस-पास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। डीएम ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए शासन से दुर्घटना सहायता राशि शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में गठित सुरक्षा समितियों को तुरंत सक्रिय किया जाए। तेंदुओं से सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने, गांवों में ढोल-नगाड़े, पटाखे और सायरन की व्यवस्था सुनिश्चित करने, जंगल और खेतों के आसपास ट्रैप कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को रणनीति बनाकर तेंदुए को शीघ्र पकड़ने और मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि रात में घरों के दरवाजे बंद रखें, पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में रखें, जंगल या खेत की ओर अकेले न जाएं, झाड़ियों और लंबी फसलों में बिना देखे प्रवेश न करें। बच्चों को अकेले जंगल की ओर भेजने से बचाएं और समूह में चलें। यदि तेंदुआ दिखाई दे तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत गांव या वन विभाग को सूचना दें।
इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) निरंजन सुर्वे, उपजिलाधिकारी निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य वन विभाग अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
घटना के बाद गेठीहवा और आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन और वन विभाग की सक्रियता से ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होगी।
