सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शुक्रवार को सलेमपुर तहसील सहित प्रदेशभर की तहसीलों में लेखपालों ने अपनी वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस धरने में लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित विस्तृत ज्ञापन उपजिलाधिकारी/तहसील समाधान दिवस प्रभारी को सौंपा और संवर्ग की दशकों पुरानी समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछले 9 वर्षों से लेखपाल संवर्ग की महत्वपूर्ण मांगें—प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण, पदनाम परिवर्तन, एसीपी विसंगति निवारण, मृतक आश्रित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन, स्टेशनरी व वाहन भत्ता में वृद्धि—पर अनेक चरणों में हुई बैठकों एवं पत्राचार के बावजूद अभी तक कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है।
संघ ने यह भी बताया कि प्रदेश के 3000 से अधिक लेखपाल अपने परिवारों से 500 से 1000 किलोमीटर दूर तैनात हैं, पर 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के अनुरूप अंतर्मंडलीय स्थानांतरण हेतु लिए गए ऑनलाइन आवेदनों की सूची छह वर्षों बाद भी जारी नहीं की गई। अन्य विभागों में हजारों कर्मचारियों के स्थानांतरण सम्पन्न हो चुके हैं, लेकिन लेखपाल संवर्ग का मामला अब भी लंबित है।
संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन को कार्य बहिष्कार, अतिरिक्त क्षेत्र छोड़ने, जनप्रतिनिधियों के आवासों पर प्रदर्शन तथा राजस्व परिषद एवं विधानसभा पर बड़े आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लेखपाल संवर्ग सदैव अनुशासन और संवाद में विश्वास रखता है, परंतु वर्षों की उपेक्षा से संवर्ग में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
धरना स्थल पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उप-साखा सलेमपुर के पदाधिकारी एवं सभी लेखपाल बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख पदाधिकारी—
तहसील अध्यक्ष लकमुद्दीन अंसारी, मंत्री परशुराम मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष आकाश कुशवाहा, उप मंत्री सतेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार और ऑडिटर ब्रजेश पाण्डेय शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त नितेश चतुर्वेदी, मुन्ना प्रसाद, ओमप्रकाश कुशवाहा, संदीप यादव, अनुज वर्मा, कुलदीप चाहर, इंदुप्रकाश पाठक, अमजद अली, प्रीति मिश्रा, अंजली सिंह समेत अनेक लेखपालों की सक्रिय उपस्थिति रही।
धरना पूर्णतः शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में सम्पन्न हुआ।
