बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया अनिल कुमार झा के आदेश के अनुपालन में शनिवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के तत्वावधान में राजकीय बाल गृह (बालिका), निधरिया, बलिया में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन पूनम सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं को राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक बालिका को न्याय, सुरक्षा और समान अवसर दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। बालिकाओं का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का समान अधिकार मिले।
उन्होंने अपने संबोधन में बालिकाओं की शिक्षा को समाज की प्रगति की नींव बताया और कहा कि बेटियों को बेटों के समान अवसर देना केवल परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। लैंगिक भेदभाव, सामाजिक असमानता और भेदभावपूर्ण सोच को समाप्त करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जागरूक और शिक्षित बालिकाएँ ही आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश को सशक्त बना सकती हैं।शिविर के दौरान बालिकाओं को यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, शोषण या हिंसा की स्थिति में वे निडर होकर अपनी आवाज उठाएँ और विधिक सहायता प्राप्त करें। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई संभव है और इसके लिए कानून पूरी तरह से उनके साथ है।इस अवसर पर संस्था की अधीक्षिका अमिता रानी जैन तथा अन्य कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें उनके विधिक अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।
