मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद मऊ में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के अंतर्गत तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत महिला कल्याण विभाग द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पलीगढ़ (विकास खंड रानीपुर) में किशोरी क्लब की स्थापना की गई। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के निर्देश एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर छात्राओं को विभिन्न खेल सामग्रियों का वितरण भी किया गया और उन्हें बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई।
किशोरी क्लब: बालिकाओं के सर्वांगीण विकास की पहल
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत स्थापित किशोरी क्लब का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के मनोरंजन, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं।
किशोरी क्लब के माध्यम से छात्राओं को नियमित रूप से खेल, संवाद, समूह गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता का विकास होगा।
खेल सामग्री का वितरण
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को क्लब संचालन हेतु विभिन्न खेल सामग्री प्रदान की गई। इनमें कैरम बोर्ड, लूडो, फुटबॉल, हॉकी, शतरंज और वॉलीबॉल जैसी सामग्री शामिल रही।
अधिकारियों ने कहा कि खेल गतिविधियां न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं, बल्कि मानसिक विकास और टीम भावना को भी मजबूत करती हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है, इसी संदेश के साथ छात्राओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं पहचान
महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इंपॉवरमेंट ऑफ वूमेन टीम से जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान से लेकर विज्ञान एवं तकनीक, कॉर्पोरेट जगत और देश की सीमाओं की रक्षा तक, बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ का उद्देश्य इसी क्षमता को पहचान कर उसे आगे बढ़ाना है।
विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती तृप्ति राय ने महिला एवं बाल विकास से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना
निराश्रित महिला पेंशन योजना
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
उन्होंने छात्राओं और उपस्थित अभिभावकों को साइबर अपराध से बचाव के बारे में भी जागरूक किया। साथ ही महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें 1930 (साइबर हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1090 (महिला पावर लाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा) और 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का व्यापक प्रयास है।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर विशेष जोर
जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए हानिकारक है।
उन्होंने बताया कि विवाह की कानूनी आयु लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे पहले विवाह करना कानूनन अपराध है। बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी कम उम्र में विवाह नहीं करेंगी और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्री नंद कुमार यादव, वार्डन श्रीमती नेहा गुप्ता, श्रीमती मीरा देवी, श्रीमती प्रतीक्षा, श्रीमती संध्या सहित विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन, विद्यालय और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से ही बालिकाओं के सशक्तिकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शिक्षा और खेल का संतुलन जरूरी
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुख रूप से दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में रुचि रखना भी जरूरी है। इससे बालिकाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होता है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के अंतर्गत इस प्रकार के कार्यक्रम बालिकाओं को न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाएंगे, बल्कि उन्हें सामाजिक चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए भी तैयार करेंगे।
समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरी क्लब जैसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर होंगी और समाज में व्याप्त कुप्रथाओं जैसे बाल विवाह के खिलाफ मजबूत आवाज उठा सकेंगी।
जनपद मऊ में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान मऊ के तहत की गई यह पहल महिला सशक्तिकरण और बालिका सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित करने की योजना है।
मऊ में किशोरी क्लब की शुरुआत, बालिकाओं को खेल सामग्री वितरण
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