Friday, February 6, 2026
Homeउत्तर प्रदेशखरमास माना जाता है देवताओं का विश्राम का समय - आचार्य अजय...

खरमास माना जाता है देवताओं का विश्राम का समय – आचार्य अजय शुक्ल

16 दिसम्बर से शुरू होकर 14 जनवरी को होगा खरमास का समापन

खरमास में होता है मांगलिक व नवीन कार्य वर्जित

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। वैदिक पंचाग के अनुसार इस वर्ष खरमास 16 दिसम्बर की रात 10 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगा ,इस समय सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगें, जिसे धनु संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है, इसका समापन अंग्रेजी वर्ष 2026 में 14 जनवरी को जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगें तो होगा। इस दौरान मांगलिक व नवीन कार्य वर्जित होता है।उक्त बातें बताते हुए जयराम ब्रम्ह स्थान मंगराइच के आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि यह समय देवी देवताओं के विश्राम करने का समय होता है। विवाह, सगाई, गृह निर्माण व प्रवेश, मुण्डन, जनेऊ नया वाहन,जमीन, आभूषण व व्यापार की शुरुआत जैसे कार्य नही किये जाते हैं। आचार्य शुक्ल ने बताया कि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह मास जब सूर्य धनु राशि में होते हैं तो उनका प्रभाव कम हो जाता है जिससे शुभ कार्य का फल कम या बाधित होता है। खरमास का समय भौतिकवादी व मांगलिक कार्यों को टालने के समय है। इस महीने में भगवान विष्णु जी व सूर्यदेव की पूजा,दान,जप,ध्यान पर केंद्रित करने का समय होता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments