Sunday, March 15, 2026
HomeNewsbeatकांशीराम की जयंती पर उनके विचारों को किया गया याद, सामाजिक न्याय...

कांशीराम की जयंती पर उनके विचारों को किया गया याद, सामाजिक न्याय के संघर्ष को बताया प्रेरणा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
बरठा चौराहे स्थित राष्ट्रीय समानता दल के कैंप कार्यालय पर रविवार को सामाजिक परिवर्तन के महानायक मान्यवर कांशीराम साहब की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वक्ताओं ने उनके विचारों और सामाजिक न्याय के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि मान्यवर कांशीराम सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के महानायक थे। उन्होंने सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष करते हुए सरकारी नौकरी तक त्याग दी और “पे बैक टू सोसाइटी” का नारा देकर बहुजन समाज को जागृत करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम साहब सच्चे अर्थों में समाज को जोड़ने वाले नेता थे और उनका “जाति जोड़ो अभियान” आज भी प्रासंगिक है।
सपा अनुसूचित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेराम आर्य ने कहा कि संघर्ष के दौर में कांशीराम साहब का यह विचार कि “हमें चमचे नहीं, मिशनरी चाहिए” आज भी सामाजिक आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रेरित करता है।
इस अवसर पर वक्ता अनिल शर्मा ने कहा कि कांशीराम साहब का मानना था कि “सत्ता ही वह मास्टर चाबी है, जो सभी ताले खोल सकती है।” वहीं विमलेश कुमार ने कहा कि उन्होंने समाज को “वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा” का संदेश देकर बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक किया।
कार्यक्रम में अभय कुमार ने कहा कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” का सिद्धांत आज भी सामाजिक न्याय की राजनीति में प्रासंगिक बना हुआ है।
कार्यक्रम का संचालन राजाराम कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर चन्द्रिका पासवान, लालजी प्रसाद, मुस्तफा, अल्लाउद्दीन, शेषमणि, मोहन कुशवाहा, टीटू कुमार, धनंजय कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments