नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य पूर्व में जारी Israel-Iran War के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल आने वाले दिनों में ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा हवाई हमला कर सकता है। इस संभावित हमले में बिजली उत्पादन प्लांट, ऊर्जा वितरण नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा सकता है।
48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद बढ़ी हलचल
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के तहत हो सकती है। हालांकि, इस अल्टीमेटम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नेतन्याहू का बड़ा बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि इजरायली वायु सेना का ऑपरेशन अब ईरान के बड़े बुनियादी ढांचे तक फैल चुका है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उद्योगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो नागरिक और सैन्य दोनों उपयोग में आते हैं।
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स्टील और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री पर फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल का दावा है कि ईरान के लगभग 70% स्टील उद्योग को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। इजरायल का कहना है कि इन उद्योगों से बनने वाला स्टील हथियार निर्माण में इस्तेमाल हो रहा था।
इसके अलावा पेट्रोकेमिकल सेक्टर को भी टारगेट किया जा रहा है, जो ईरान की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है।
ऊर्जा सेक्टर अगला निशाना
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इजरायल का अगला लक्ष्य ईरान का ऊर्जा और बिजली नेटवर्क हो सकता है। इस हमले में पावर प्लांट, ग्रिड सिस्टम और वितरण नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है।
वैश्विक चिंता बढ़ी
इस बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता गहराती जा रही है। अगर यह हमला होता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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