लखनऊ-(राष्ट्र की परम्परा)भले ही माफिया डॉन अतीक अहमद अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उसका सिंडिकेट अभी भी देवरिया जिले में सक्रिय बताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि अतीक के गुर्गे देवरिया में जमीन कब्जाने और काली कमाई के जरिए अपनी ताकत बढ़ाने में लगे हैं।
देवरिया जेल में रहते हुए अतीक अहमद ने शहर के अबूबकर नगर और बसियावा मोहल्ले में अपने नेटवर्क को मजबूत किया था। बताया जाता है कि जेल के दिनों में अतीक के लिए इन इलाकों से स्पेशल बिरयानी और अन्य सुविधाएं भेजी जाती थीं। इन कामों को अंजाम देने के लिए स्थानीय भूमाफिया, दबंग, सरकारी कर्मचारी, और राजस्वकर्मियों समेत अन्य लोगों का गिरोह बनाया गया।
अतीक के गिरोह में शहर के कई प्रभावशाली लोग शामिल थे। इनमें नगर प्रशासनिक कर्मचारी, लकड़ी व्यवसायी, शराब माफिया, स्कूल संचालक, और स्थानीय नेता भी थे।चर्चा है कि इन सबने मिलकर अतीक के कारोबार को अभी भी जारी रखा है। उस समय देवरिया की सड़कों पर अक्सर प्रयागराज नंबर प्लेट की गाड़ियां दौड़ती थीं, जो अतीक के प्रभाव को दर्शाती थीं।
सूत्र बताते हैं कि देवरिया के भूमाफियाओं के पास अतीक की कई कथित बेनामी संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों का उपयोग गिरोह ने अपने काले कारोबार को फैलाने के लिए किया। कुछ भूमाफियाओं ने अतीक के करीबी बनकर करोड़ों की काली कमाई अर्जित की।चर्चा है की अब अतीक के गुर्गों की नजर देवरिया स्टेशन रोड स्थित एक विवादित मकान पर है। इस मकान को हथियाने के लिए गिरोह ने अपना पूरा नेटवर्क सक्रिय कर दिया है। मकान के मालिक को जान से मारने और संपत्ति पर कब्जा करने की धमकी दी जा रही है।सूत्रों के अनुसार, अतीक के गिरोह का नया लीडर कथित तौर पर सोनी भाई है। उसने अतीक के अधूरे कामों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली है। सोनी भाई और उसके साथी प्रशासन पर दबाव बनाकर अवैध तरीके से संपत्तियां हथियाने में जुटे हैं।अगर सरकार और प्रशासन इन मामलों की गहराई से जांच करें, तो अतीक अहमद के कथित बेनामी कारोबार और काली कमाई का पूरा सच सामने आ सकता है। गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने से यह माफिया नेटवर्क जिले में अपना वर्चस्व कायम रखे हुए है।
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