नई दिल्ली/तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर के कुछ ही घंटों बाद मिडिल ईस्ट में हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों पक्षों की ओर से हमलों की खबरों के बीच क्षेत्र में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा है कि उनका “मिशन अभी अधूरा” है और जरूरत पड़ी तो युद्ध दोबारा शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सीजफायर पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सहमति थी, लेकिन अभी कई लक्ष्य बाकी हैं।
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि जरूरी हुआ तो सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
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इस बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में हमले नहीं रोके गए तो जोरदार जवाब दिया जाएगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से भी बातचीत की और सीजफायर उल्लंघन की आलोचना की।
तनाव के बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोक दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम की घोषणा से शांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने इस उम्मीद को झटका दिया है। लगातार बयानबाजी और हमलों से संकेत मिल रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी बेहद अस्थिर हैं और बड़ा संघर्ष फिर भड़क सकता है।
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