गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक पहुंच को दर्शाते हुए वर्ष 2024 में विभिन्न कार्यक्रमों में नामांकित 13 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मुलाकात की। छात्रों ने इस अवसर पर अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए और विदेशी प्रवेश प्रक्रिया की सहजता तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ हुई अपनी बातचीत पर संतोष व्यक्त किया। नेपाल के आठ पीएचडी छात्रों ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय के साथ डिग्री समकक्षता पर चर्चा के हालिया अनुभव साझा किए। प्रो. टंडन ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी डिग्रियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा। यह आश्वासन हाल ही में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन के संदर्भ में दिया गया। जो शिक्षा और अनुसंधान में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत शोध अवसर और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए व्यापक समर्थन प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि छात्रों को नवस्थापित अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास में आवास प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आरामदायक और समृद्ध परिसर अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, प्रो. टंडन ने शिक्षण और शोध सामग्री तक दूरस्थ पहुंच प्रदान करने का वादा किया, जिससे छात्रों की शैक्षणिक उत्कृष्टता सुनिश्चित होगी।
अपने वित्तीय कार्यों को सरल बनाने के लिए, सभी छात्र भारतीय बैंक की विश्वविद्यालय शाखा में अपने खाते खोलेंगे, जो उन्हें विश्वविद्यालय के पारिस्थितिकी तंत्र में बेहतर एकीकृत करेगा।
इस दौरान कुलपति ने छात्रों से सुझाव आमंत्रित किए कि विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए और अधिक अनुकूल कैसे बनाया जा सकता है? जिस पर छात्रों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। यथा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित करना। जिससे सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिले।
अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक समर्पित सहायता डेस्क की स्थापना।
संवाद की बाधाओं को कम करने के लिए भाषा समर्थन सेवाएं प्रदान करना।
प्रो. टंडन ने छात्रों के मूल्यवान सुझावों की सराहना करते हुए कहा, “दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एक समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपनी अंतरराष्ट्रीय पहुंच को और मजबूत करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दुनिया भर के छात्र हमारे परिसर में अपने घर जैसा अनुभव करें।”
अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक, डॉ. रामवंत गुप्ता भी इस बातचीत में उपस्थित रहे। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के अकादमिक यात्रा के हर चरण में उनके समर्थन की पुष्टि की।
बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें छात्रों ने विश्वविद्यालय की उनकी चिंताओं को संबोधित करने और एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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