भारत ऋषि व कृषि प्रधान देश है-जगतगुरु

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)l विवाह धार्मिक कार्यक्रम है सामाजिक नहीl उक्त बातें बाबा रामप्रकाश के पावन तपोस्थली पर चल रहे मानस यज्ञ के पाँचवें दिवस जगतगुरू रामदिनेशाचार्य महाराज ने राम विवाह के प्रसंग की कथा का वाचन करते हुये कहा की राम और सीता के विवाह प्रसंग की कथा सुन कर श्रोता भक्ति के रस में सराबोर रहते हैं।
पवन अयोध्या श्रीधाम से पधारे जगतगुरु रामदिनेशाचार्य महाराज ने भगवान राम विवाह के प्रसंग का वर्णन करते हुये कहा कि जो सम्पूर्ण परिवार के बोझ को ढोने में सक्षम है वह “वर” है,जिसकी हम सभी पूजा करते है।आज के वर्तमान परिवेश में हो रहे वैवाहिक कार्यक्रमों पर तंज़ कसते हुये जगतगुरु ने कहा कि विवाह धार्मिक कार्यक्रम है लेकिन आज के परिवेश में उसे सामाजिक कार्यक्रम बना दिया गया है,क्योंकि जहाँ एक तरफ वैदिक मन्त्र चल रहे होते है तो वही दूसरी तरफ पशुओं की बलि दी जा रही होती है, लोग शराब की बोतलें गटकते देखे जाते है। उन्होंने प्राचीन सभ्यता के विवाह पर टिप्पणी करते हुये कहा कि अन्य धर्मों में जहाँ बेवी,और बीबी से विवाह होता है,कागजो पर होने वाली ये विवाह अधिक दिनों तक नही टिकते, चार पाँच वर्षों में ही तलाक जैसी नौबत आ खड़ी होती है, वही हमारे धर्मों में सात जन्मों का बंधन होता है,यहाँ लड़का लड़की नही अपितु लक्ष्मी और नारायण का विवाह होता है,वैदिक मंत्रोच्चार से बंधा यह पवित्र बंधन सात जन्मों तक साथ जीने मरने की दुख सुख में भागीदार रहने की प्रेरणा देता है। इसी संस्कृति की स्थापना करने नारायण मनुष्य रूप में अवतार लेते है।

स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि भारत ऋषी और कृषि प्रधान देश है क्योंकि जहाँ ऋषी यज्ञ से पराभूत होकर के परमात्मा पुत्र बनकर आता है वहीं भारत का किसान हल चलाकर भक्ति प्रकट कर सकता है l स्वामी ने अयोध्या, मिथिला और लंका की विशेषता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि अयोध्या बैराग्य की मिथिला मन की और लंका तन की भूमि है l लंका में सब राक्षस रहते है सिर्फ एक महात्मा है वहीं अयोध्या में महात्मा ज्यादा है विशुद्ध प्रवृत्ति की सिर्फ एक मन्थरा जबकि मिथिला में सब महात्मा है।कथावाचक द्वारा अमृत रूपी कथा का श्रवण करने देर रात्रि तक भारी संख्या में लोग जमें रहे।इस दौरान आयोजन समिति के अजय तिवारी,अरविंद तिवारी,विश्वप्रकाश, अजीत शुक्ला,ओमप्रकाश मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, कपीश सिंह,दीपक तिवारी,सहित तमाम लोग कथा का आनन्द लेते रहे।

rkpNavneet Mishra

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