भारत-EU ट्रेड डील से ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति और ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपियन यूनियन (EU) से बढ़ते टकराव के बीच भारत-EU ट्रेड डील वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभर रही है। इस डील को दोनों पक्षों ने “Mother of All Trade Deals” कहा है, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है।

ट्रंप की टैरिफ नीति से परेशान दुनिया

डोनाल्ड ट्रंप ने “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” के नारे के तहत पूरी दुनिया पर टैरिफ का दबाव बनाया। यूरोप, एशिया और विकासशील देशों पर आयात शुल्क बढ़ाकर ट्रंप ने वैश्विक व्यापार को अस्थिर कर दिया। यही कारण है कि अब यूरोपियन यूनियन अमेरिकी दबदबे से बाहर निकलने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है।

इतिहास गवाह है कि जब-जब अमेरिका ने एकतरफा आर्थिक फैसले लिए, दुनिया को उसका खामियाजा भुगतना पड़ा। 1971 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने डॉलर को सोने से अलग कर ब्रेटन वुड्स सिस्टम खत्म कर दिया था।
फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट भी आक्रामक आर्थिक सुधारों और संस्थाओं से टकराव के लिए जाने जाते हैं।
आज ट्रंप की नीतियां उसी राह पर चलती दिखाई दे रही हैं।

यूरोपियन यूनियन को क्यों चाहिए भारत?

यूरोपियन यूनियन समझ चुका है कि अमेरिका पर निर्भर रहना अब जोखिम भरा है। ऐसे में भारत उसके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, विशाल उपभोक्ता बाजार है और रणनीतिक रूप से स्थिर साझेदार है। यही वजह है कि भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
इस डील की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा
भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने।

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भारत-EU ट्रेड डील से क्या बदलेगा?

भारत-EU ट्रेड डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी।

  • • इस डील से दुनिया की लगभग 25% GDP एक साथ आ जाएगी।
  • • करीब 2 अरब लोगों का साझा बाजार तैयार होगा।
  • • भारत के टेक्सटाइल, चमड़ा, आभूषण और हस्तशिल्प उत्पाद यूरोप में ड्यूटी-फ्री पहुंचेंगे।
  • • अभी लगने वाला लगभग 10% टैक्स खत्म होगा, जिससे भारतीय निर्यात को बड़ा लाभ मिलेगा।
  • • यूरोप से आने वाली वाइन, स्पिरिट्स, डेयरी उत्पाद, कार और लग्जरी बाइक्स भारत में सस्ती होंगी।
  • इससे भारत में उपभोक्ताओं को भी सीधा फायदा होगा।

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Karan Pandey

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