कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)l जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के सचिव प्रभात सिंह ने गुरुवार को जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कुशीनगर जनपद के निरुद्ध बंदियों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और उन्हें दी जा रही विधिक सहायता का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण में सामने आया कि कारागार में कुशीनगर से कुल 844 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 88 सिद्धदोषी (85 पुरुष, 3 महिला), 743 विचाराधीन (680 पुरुष, 25 महिला, 37 अल्पवयस्क) और अन्य 13 बंदी (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 4 पुरुष, 7 सिविल बंदी, 2 विदेशी नागरिक) शामिल हैं। महिला बंदियों के साथ 3 छोटे बच्चे भी जेल में रह रहे हैं।
सचिव ने कारागार के बैरक, पाकशाला, चिकित्सालय, महिला बैरक और लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विधिक सहायता का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं जेल मैनुअल के अनुसार सुनिश्चित की जाएं।
सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं पूछीं, लेकिन किसी ने गंभीर शिकायत नहीं की। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर के माध्यम से निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। विचाराधीन बंदियों के मामलों की समीक्षा करते हुए रिहाई योग्य बंदियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराई गई। लीगल एड क्लिनिक के पीएलवी को निर्देश दिए गए कि वे बंदियों के प्रार्थना-पत्र समय से प्राधिकरण को भेजें, ताकि कोई भी बंदी न्याय से वंचित न रहे।
