2027 में विधायक बना तो सिसवां बनेगी तहसील: सुशील टिबड़ेवाल

बोले—भाजपा ने नौ साल में सिसवां की उपेक्षा की, अब जनता देगी जवाब

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सिसवां विधानसभा क्षेत्र को तहसील का दर्जा दिलाने की वर्षों पुरानी मांग अब राजनीतिक रूप से और तेज हो गई है। वर्ष 2022 में सिसवां विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुशील टिबड़ेवाल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सिसवां की जनता उन्हें विधायक चुनती है और अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो सिसवां को तहसील का दर्जा हर हाल में दिलाया जाएगा।
पूर्व मंत्री ने सिसवां बाजार में तहसील बनाए जाने की मांग को लेकर हुई व्यापक बंदी का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनभावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सिसवां की जनता, व्यापारी वर्ग, युवा और प्रबुद्ध समाज द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई यह मांग पूरी तरह जायज है और समाजवादी पार्टी इस संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि सिसवां एक बड़ा व्यावसायिक केंद्र होने के साथ-साथ घनी आबादी वाला क्षेत्र है, इसके बावजूद यहां की जनता आज भी तहसील जैसी बुनियादी प्रशासनिक सुविधा से वंचित है। तहसील न होने के कारण लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी दूर-दराज में बने तहसील का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए पूर्व सपा प्रत्याशी ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। केंद्र से लेकर संसद और विधानसभा तक भाजपा के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद सिसवां को तहसील नहीं बनाया जा सका। इससे यह साफ हो जाता है कि भाजपा ने सिसवां की जनता की भावनाओं और जरूरतों की लगातार अनदेखी की है।
उन्होंने कहा कि अब 2027 में सिसवां की जागरूक जनता को खोखले वादों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। भाजपा ने सिसवां की जनता के साथ धोखा किया है और आने वाले चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आते ही सिसवां विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, कस्बे और बाजार के समग्र विकास की कार्ययोजना जनता से सीधा संवाद कर तैयार करेगी, ताकि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर दिखाई दे। साथ ही थाना और तहसील स्तर पर आम जनता को त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे किसी के साथ अन्याय न हो।
पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद सिसवां को तहसील बनाए जाने का मुद्दा एक बार फिर जिले की राजनीति के केंद्र में आ गया है और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

rkpnews@somnath

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