बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

सावन मास के तीसरे सोमवारी पर जनपद के सभी शिव मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु दोनों बड़ी संख्या में मौजूद रहे। हर कोई शिवभक्ति में लीन होकर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय कर रहा था।

भोर से ही श्रद्धालु गंगा घाटों और अन्य पवित्र स्थलों पर स्नान कर मंदिरों की ओर बढ़े। इस दौरान विशेष रूप से महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। युवा और वृद्ध सभी वर्ग के लोग अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार फूल, बेलपत्र, धतूरा और पूजा सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचे।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों, जैसे कि बांसडीह स्थित महादेव मंदिर, सिकन्दरपुर शिव मंदिर, बलिया शहर के बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक, महिला पुलिसकर्मियों और सिपाहियों की ड्यूटी मंदिरों पर लगातार लगी रही। सुरक्षा बलों ने मंदिर परिसर और आसपास की यातायात व्यवस्था को संभालते हुए भीड़ प्रबंधन का कार्य बखूबी किया। कई जगहों पर पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं को लाइन में खड़ा कर सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए गए।

भक्तिमय माहौल और आयोजन

कई मंदिरों में भजन-कीर्तन और भव्य श्रृंगार का आयोजन किया गया, जो आकर्षण का केंद्र बने। मंदिरों में जगह-जगह ‘हर-हर महादेव’ के नारों के बीच शिवलिंग पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की गूंज वातावरण को आध्यात्मिक बना रही थी।