महराजगंज में सात माह से मानदेय बंद, रोजगार सेवकों में रोष

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले के ग्राम रोजगार सेवक पिछले सात माह से मानदेय न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले भुगतान न होने से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। परिवारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना, बच्चों की फीस भरना और इलाज कराना मुश्किल हो गया है।

त्योहार पर भी नहीं मिला भुगतान

रोजगार सेवकों का कहना है कि उनका मानदेय पहले से ही कम है, ऊपर से महीनों की देरी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। त्योहार के समय भी भुगतान न होना मनोबल तोड़ने वाला है। कई कर्मियों को कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।

652 रोजगार सेवक प्रभावित

जिले में करीब 652 ग्राम रोजगार सेवक कार्यरत हैं, जिनकी नियुक्ति दिसंबर 2007 में मनरेगा के तहत की गई थी।

• शुरुआत में मानदेय: ₹2000 प्रतिमाह
• 2011 में बढ़कर: ₹3000
• 2016 में तय: ₹6000
• अक्टूबर 2021 से: ₹10,000 (12% ईपीएफ कटौती के बाद ₹7788 प्राप्त)

रोजगार सेवकों का कहना है कि समय पर भुगतान शायद ही कभी हुआ हो, लेकिन सात माह का बकाया अभूतपूर्व है।

ये भी पढ़े – कपास जैसा प्रेम: त्याग, निष्ठा और साथ निभाने का आदर्श

आंदोलन की चेतावनी

आक्रोशित कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र बकाया जारी नहीं किया गया तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की रीढ़ माने जाने वाले कर्मियों की अनदेखी से विकास कार्य प्रभावित होंगे।

ये भी पढ़े – मध्य पूर्व तनाव से बलिया के परिवार चिंतित, उड़ानें प्रभावित

Karan Pandey

Recent Posts

एनसीसी कैडेट्स को दिया गया सैन्य अनुशासन और संचार का प्रशिक्षण

इंसास राइफल की विशेषताओं से कराया परिचित, दूरसंचार व्यवस्था की भी दी जानकारी महराजगंज (राष्ट्र…

2 hours ago

अमृत सरोवर के पास क्षतिग्रस्त पुलिया बनी खतरा, बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का डर

एक महीने से मरम्मत का इंतजार, ग्राम प्रधान और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर…

2 hours ago

10.530 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, कार और नकदी बरामद

इलेक्ट्रॉनिक कांटा, दो मोबाइल फोन और 2500 रुपये भी मिले; एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा…

2 hours ago