हिन्दू महासभा ने दिल्ली अधिवक्ता हड़ताल को दिया समर्थन – बी एन तिवारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा) अखिल भारत हिन्दू महासभा ने दिल्ली में गत सप्ताह से जारी अधिवक्ताओं की हड़ताल का समर्थन किया है। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि उपराज्यपाल ने अधिवक्ता विरोधी जो आदेश दिया है, हिन्दू महासभा उसे न्यायिक और संवैधानिक व्यवस्था के साथ अधिवक्ता समाज के हितों पर कुठाराघात मानती है। उपराज्यपाल को अपना अधिवक्ता विरोधी आदेश वापस लेकर अधिवक्ताओं की हड़ताल को समाप्त करवाने की दिशा में पहल करनी चाहिए।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि उपराज्यपाल ने अपने एक आदेश में पुलिस को न्यायालय में जाकर अपना बयान दर्ज करवाने की अनिवार्यता से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है। नए आदेश में पुलिस का बयान दर्ज करने के लिए अधिवक्ता को उसके थाना में जाकर बयान दर्ज करना होगा और कोर्ट की कस्टडी में सौंपना होगा।
बी एन तिवारी ने बताया कि हिन्दू महासभा उपराज्यपाल के इस आदेश को न्यायिक व्यवस्था को पुलिस प्रशासन के अधीन करने का षडयंत्र और अधिवक्ता समाज को पुलिस प्रशासन की कठपुतली बनाने की भावना से प्रेरित मानता है। बी एन तिवारी ने बताया कि इस आदेश को रद्द करवाने के लिए तीस हजारी, कड़कड़डूमा, रोहिणी, साकेत सहित दिल्ली की सभी न्यायालयों के अधिवक्ता गत सप्ताह से हड़ताल पर हैं। तीस हजारी न्यायालय में आज बार एसोसिएशन के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में बारिश में भीगते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में रैली निकाली और अधिवक्ता समाज की एकता का परिचय दिया।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर यशपाल सिंह ने कहा कि न्याय व्यवस्था और पुलिस प्रशासन संवैधानिक रूप से दो अलग अलग निकाय हैं। न्यायिक व्यवस्था को संवैधानिक रूप से पुलिस प्रशासन के अधीन करने का उपराज्यपाल के द्वारा प्रयास निंदनीय है। अगर इसे नहीं रोका गया तो भविष्य में इसके घातक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस हो या मंत्री, उसे अपना बयान दर्ज करवाने के लिए न्यायधीश के समक्ष उपस्थित होना ही पड़ता है। इस संवैधानिक परिपाटी को बदलने के खिलाफ आम जनता को अधिवक्ता समाज के साथ जुड़ जाना चाहिए।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री ललित अग्रवाल ने भी अधिवक्ता समाज की हड़ताल और मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल का न्यायालयों में दैनिक सुनवाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। कामकाज ठप है और केवल तारीखें मिल रही है। उपराज्यपाल का आदेश काला कानून है। उन्होंने कहा कि हिन्दू महासभा इस काले कानून का विरोध देश के सभी न्यायालयों के अधिवक्ताओं से करने का आह्वान करती है।

Editor CP pandey

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