
बहराइच( राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के बाबागंज सीमावर्ती क्षेत्र में सुबह लोगों को ठिठुरन और गलन के साथ कोहरे और धुंध का सामना करना पड़ा। तापमान का पारा लुढ़कने से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। पूरा दिन ठिठुरन और गलन से लोगों को राहत नहीं मिली। घरों से निकले लोग बर्फीली पछुआ हवाओं के झकोरे से बचने की जुगत करते दिखे। तराई का मौसम लगातार बदलता दिख रहा है। मंगलवार सुबह फिर लोगों का सामना कोहरे और धुंध से हुआ। सुबह कोहरे के चलते आवागमन भी प्रभावित रहा। पहाड़ों से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने लोगों को परेशान किया। घरों से मजबूरी में निकले दैनिक मजदूरी पेशा वर्ग के लोग कांपते दिखे।
लोग जैसे तैसे कामकाज के लिए घर से बाहर निकले लेकिन अलाव के आसपास सिमटे नजर आए। वहीं घरों में मौजूद बच्चे बुजुर्ग कंबल और रजाई में दुबके रहे। नए साल का पहला मंगलवार सबसे ठंडा रहा। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते आ रही पछुआ हवाएं अपने साथ नमी भी ला रही है। जिसके चलते तराई में घना कोहरा का सामना लोगों को करना पड़ रहा है और मौसम बिगड़ा हुआ है। वहीं प्रशासन की उदासीन रवैया के चलते सार्वजिनक स्थलों चौराहों व भीड़ भाड़ वाले जगहों पर अलाव जलने की ब्यस्था न होने से शासन के राहत आपदा कोष पर लोगों ने सवाल उठाया। कस्बा वासी उमेश चंद्र अग्रवाल , अकील अहमद नन्हे , अमित कुमार गुप्ता अनूप सिंह सहित दर्जनों व्यापारियों ने प्रशासन से अलाव जलवाने की माँग की है।