गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय गोरखपुर के द्वारा प्राइवेट कर्मचारी का रेफर कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय के द्वारा पैनल अस्पतालों में, इलाज हेतु रेफर किया जाता था। परंतु विगत कई माह से इस सुविधा को बंद कर दिया गया है, जिससे गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। इन बीमारियों में कैंसर जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित रोगी ज्यादा है। मरीजों को कर्मचारी राज्य औषधालय अस्पताल बनारस भेजा जा रहा है, वहां से पुनः सरकारी संस्थानों में भेजा जाता है परंतु वहां इलाज की सुविधा न होने के कारण मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। किंतु मासिक वेतन कम होने के कारण रोगी प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने में सक्षम नहीं है, उनकी एक सूत्री मांग है की जैसा पूर्व में रेफर किया जाता था वैसी ही सुविधा पुनः सुचारु रूप से शुरू किया जाय। कई मरीज जो कैंसर से पीड़ित है जिनका बार-बार कीमो होता था वह कई माह से एक बार भी नहीं हुआ है और वे सभी बनारस अस्पताल से इलाज न मिलने के कारण वापस लौटकर इलाज का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम कर्मचारियों से इलाज के पैसे तो हर महीने ले रही है लेकिन इलाज देने में विफल रही है, जिसमे एक बिमित व्यक्ति से बात किया गया तो उसने अपने दर्द को बयां किया। यह सुविधा जहां कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय अन्य जिलों में सुचारू से चल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में बंद कर दिया गया है। इस संबंध में कर्मचारी राज्य बीमा निगम वाराणसी के सीएमओ हरिकेश यादव से संपर्क करना चाहा तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था।
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