1जून से परीक्षा वहिष्कार के निर्णय पर गुआक्टा अडिग

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर विश्वविद्यालय सम्वद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ की आठ सूत्रीय माँग पर विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी के कारण, 1जून से विश्वविद्यालयी परीक्षा के वहिष्कार के निर्णय पर गुआक्टा अडिग है।उक्त जानकारी गुआक्टा अध्यक्ष प्रो.के.डी.त्रिपाठी और महामंत्री प्रो धीरेन्द्र सिह ने अपनी लिखित विज्ञप्ति मे दी है ।नेता द्वय ने कहा की कुलपति प्रो राजेश सिह झूठ के पुलिंदा है। मार्च 2022 से 2023 तक किसी भी कक्ष परिप्रेक्षक ,सहायक केन्द्राध्यक्ष , केन्द्राध्यक्ष का किसी महाविद्यालय को एक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है और कुलपति का एक सप्ताह कभी नहीं आता । गुआक्टा ने वार वार शिक्षको की जायज माँगो की तरफ कुलपति का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन तानाशाह कुलपति ने आश्वासन की घुट्टी पिलाकर अपने काम की इतिश्री मान लिया। कुलपति का यह कृत्य पूरी तरह शिक्षक विरोधी है ऐसे मे गुआक्टा के सामने परीक्षा वहिष्कार के अलावे कोई रास्ता शेष नही वचता।एक तरफ तो महाविद्यालय शिक्षको की जायज माँगो की विश्वविद्यालय प्रशासन अनदेखी कर रहा है, ऊपर अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर कुलसचिव शिक्षको को नोटिस देने जैसा घृणित कार्य कर रहे है।शिक्षक किसी दवाव मे नही आने वाले है और परीक्षा वहिष्कार कर कुलपति को मुँहतोड जवाव देगे। जब परीक्षा सिर पर है , गुआक्टा 1, जून से परीक्षा बहिष्कार पर दृढ़ है तो कुलपति और उनके सलाहकारो द्वारा एक बार और झूठ का सहारा लिया जा रहा है और समाचार पत्रो मे भ्रामक जानकारी दी जा रही है।। नेता द्वय ने कहा कि परीक्षा बहिष्कार केवल एक मुद्दे पर नहीं है,जब तक कुलपति के आवास पर धूल चाट रही विषय विशेषज्ञ की सभी फाइले निस्तारित नहीं हो जाती, शिक्षाशास्त्र और हिन्दी विषय के प्राचार्यो के साथ राजनीति शास्त्र और अन्य विषयो के भी प्राचार्यो को शोध निर्देशक नहीं बन जाता और कितने विषय में शोधार्थियों की संख्या क्या है यह प्रकाशित नहीं हो जाता ,महाविद्यालयों के प्रोफेसर को विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों मे प्रतिनिधित्व नही मिल जाता,सभी स्नातक शिक्षक बिना भेदभाव के शोध निर्देशक नहीं बन जाते और नये शिक्षकों को विना अवकाश के शोध करने की सुविधा नहीं मिल जाती,और जब तक सभी देयको का पूर्ण भुगतान नही हो जाता ,तब तक परीक्षा का बहिष्कार और विश्वविद्यालय प्रशासन का अहिंसक तरीके से गुआक्टा द्वारा विरोध जारी रहेगा।गुआक्टा अपने सभी शिक्षकों और प्राचार्यों को आश्वस्त करती है कि वे तानाशाह कुलपति के झाँसे मे न आए एक दिन मगरूर कुलपति का घमंड टूटेगा और हमारी सभी जायज मांगे पूरी होंगी। नेता द्वय ने गुआक्टा के सभी सम्मानित सदस्यों का आवाहन किया है कि शिक्षकों के सम्मान और शिक्षक हितों के लिए 1 जून23 से विश्वविद्यालयी परीक्षाओ के पूर्ण बहिष्कार के निर्णय को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दें और तानाशाह कुलपति के शिक्षक विरोधी रवैया का जवाब दें।गुआक्टा के किसी भी सदस्य का कोई अहित नही होने दिया जाएगा।जरुरत है सिर्फ एकजुट होकर परीक्षा वहिष्कार के निर्णय को सफल बनाने की।

rkpnews@somnath

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