Monday, March 30, 2026
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7 महीनों में 3,000 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा, फर्जी रजिस्ट्रेशन पर सख्ती; भू-राजनीतिक तनाव से सोना-चांदी महंगा

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सरकार ने अप्रैल से अक्टूबर के बीच बड़े पैमाने पर जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को संसद को बताया कि इस अवधि में 489 फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन पकड़े गए, जिनमें जाली पैन और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। इन मामलों में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का अनुमान है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जानकारी दी कि अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन पर विशेष अभियान

मंत्री ने बताया कि फर्जी रजिस्ट्रेशन और जाली बिलिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए। कर अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन कर गैर-मौजूद जीएसटीआईएन को रद्द किया है। सरकार डिजिटल डेटा में विसंगतियों की पहचान कर ऐसे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत कर रही है।

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भू-राजनीतिक तनाव से सोना-चांदी की कीमतों में उछाल

सरकार ने सोने और चांदी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का प्रमुख कारण बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बताया है। इन परिस्थितियों में सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग बढ़ गई है, जिससे दाम चढ़े हैं।

लोकसभा में जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय भाव, रुपये के मुकाबले डॉलर की विनिमय दर और लागू करों पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों और प्रमुख संस्थानों द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की खरीद ने भी कीमतों को समर्थन दिया है।

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कीमतें बाजार तय करता है

मंत्री ने स्पष्ट किया कि सोना-चांदी की कीमतें बाजार की ताकतों से तय होती हैं और सरकार इनके निर्धारण में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होती है।

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