गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय में पहली बार 26 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने पीएचडी कार्यक्रम में आवेदन किया है। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा और वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान को दर्शाता है।
विश्वविद्यालय ने पिछले एक वर्ष में विश्व स्तर पर आठ उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। जिससे इसकी वैश्विक पहचान को मजबूती मिली है। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ द्वारा साझेदार विश्वविद्यालयों में पीएचडी प्रवेश पुस्तिका वितरित करने से विदेशी छात्रों की रुचि को बढ़ावा मिला है।
इन 26 अंतरराष्ट्रीय आवेदनों में से एक अमेरिका से है। जबकि शेष 25 आवेदन नेपाल से प्राप्त हुए हैं। विषयवार आवेदन में प्रबंधन/वाणिज्य, अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान, समाजशास्त्र, जैव प्रौद्योगिकी, सांख्यिकी और माइक्रोबायोलॉजी शामिल हैं।
डीडीयूजीयू ने राष्ट्रीय और वैश्विक रैंकिंग में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जैसे कि नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2024 में भारत में 84वां स्थान और उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए एक गर्व का क्षण है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बढ़ती रुचि हमारे अकादमिक उत्कृष्टता और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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