गोरखपुर विश्वविद्यालय को वैश्विक पहचान, मलेशिया की एमएसयू से हुआ रणनीतिक करार

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मलेशिया की मैनेजमेंट एंड साइंस यूनिवर्सिटी (एमएसयू) के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई है। इस सहयोग का उद्देश्य वैश्विक शिक्षा, शोध सहभागिता और छात्र गतिशीलता को सुदृढ़ करना है।
इस संबंध में आयोजित वर्चुअल बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में दोनों विश्वविद्यालयों ने उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को नई दिशा देने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए वैश्विक अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
साझेदारी के तहत संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। इसके अंतर्गत 2+2 स्नातक एवं 1+1 स्नातकोत्तर कार्यक्रम संचालित होंगे, जिनमें छात्र दोनों विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर संयुक्त डिग्री प्राप्त करेंगे। प्रारंभिक चरण में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए/एमबीए) तथा सूचना प्रौद्योगिकी के प्रमुख क्षेत्र-कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। क्रेडिट ट्रांसफर को सुगम बनाने के लिए ब्लैंकेट अप्रूवल व्यवस्था लागू की जाएगी।
इस रणनीतिक करार के अंतर्गत एक संयुक्त शोध एजेंडा भी तय किया गया है। भौतिक विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान में डी.डी.यू.जी.यू. की विशेषज्ञता तथा एम.एस.यू. के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सहयोग से दिसंबर 2026 तक छह उच्च-प्रभाव वाले संयुक्त शोध पत्र प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें तीन शोध व्यवसाय क्षेत्र तथा तीन स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित होंगे। सतत विकास को प्रमुख शोध विषय के रूप में चिन्हित किया गया है, जो क्यू.एस. और टी.एच.ई. जैसी वैश्विक रैंकिंग प्रणालियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दोनों विश्वविद्यालयों ने अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में एक-दूसरे के सहयोग का भी संकल्प लिया है। एम.एस.यू. की ओर से बताया गया कि डी.डी.यू.जी.यू. की अकादमिक और औद्योगिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने के लिए नौ देशों में विशेष पहल प्रारंभ की जा चुकी है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय के वैश्विक उत्कृष्टता के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर प्राप्त होंगे तथा अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहभागिता को नई ऊंचाई मिलेगी।
बैठक में कार्यक्रमों के अंतिम स्वरूप निर्धारण, संयुक्त शोध टीमों की पहचान तथा विश्वविद्यालय परिसर में औपचारिक शुभारंभ समारोह की योजना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। आगामी महीनों में एम.एस.यू. के अध्यक्ष और कुलपतियों सहित उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के गोरखपुर आगमन की संभावना है, जहां इस सहयोग का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।
भारत और मलेशिया के बीच यह शैक्षिक साझेदारी अकादमिक आदान-प्रदान, नवाचार और साझा विकास के लिए एक सशक्त सेतु सिद्ध होगी तथा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय सहयोग का नया मानक स्थापित करेगी।
बैठक का संयोजन डॉ. रामवंत गुप्ता, निदेशक, अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, शोध एवं विकास निदेशक, कृषि निदेशक, कुलसचिव, वित्त अधिकारी तथा परीक्षा नियंत्रक सहित विश्वविद्यालय का वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व उपस्थित रहा।

rkpNavneet Mishra

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