बलिया( राष्ट्र की परम्परा)। ईश्वर हर जगह समानरुप से विद्यमान है परन्तु वह प्रकट रुप से हमें दिखाई नही देता क्योंकि हमारा विश्वास प्रबल धही है। जिस दिन हमारा विश्वास दृढ़ हो जाएगा उसी दिन से हम परमात्मा के ऊपर निर्भर हो जाएंगे और अन्ततः वह परमात्मा हमें हर जगह दिखाई देने लगेगा और हमें हर परिस्थिति में सुख की अनुभूति होने लगेगी।
उक्त बातें बलिया जनपद के पूर ग्राम मे चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन पं.प्रमोद शास्त्री जी ने अपने प्रवचन में कही।कथा के क्रम में आपने श्रृष्टि निर्माण, कपिल देवहुति संवाद, ध्रुवोपाख्यान, प्रह्लादोपाख्यान की कथा की। आपने कहा कि जब 5 एवं 7बर्ष के बालक ध्रुव तथा प्रह्लाद भगवान को प्रकट कर सकते हैं तब हम भी भगवान को प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यकता है मात्र दृढ़विश्वास की ।
कथा के पूर्व यजमान अशोक सिंह ने ग्रंथ पूजन एवं व्यास पूजन किया।
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