स्नान यात्रियों से जबरन ₹30 की वसूली, प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। धार्मिक आस्था के पर्व पर जहां श्रद्धालु पुण्य की कामना लेकर स्नान यात्रा पर निकलते हैं, वहीं जनपद के घुघली टैक्सी स्टैंड पर उनकी आस्था को खुलेआम लूटा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्नान पर्व के दौरान टैक्सी स्टैंड के नाम पर श्रद्धालुओं से भरे वाहन चालकों से जबरन ₹30 की अवैध वसूली की जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह उगाही सड़क पर चल रही भाड़े की गाड़ियों से भी की जा रही है, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।
नियम साफ कहते हैं कि टैक्सी स्टैंड शुल्क केवल उसी स्थिति में लिया जा सकता है, जब वाहन स्टैंड परिसर में खड़ा हो। लेकिन घुघली में हालात इसके उलटा हैं। आरोप है कि टैक्सी स्टैंड अपने स्वीकृत स्थान पर है ही नहीं, इसके बावजूद कुछ लोग बीच सड़क वाहनों को रोककर यात्रियों से जबरन पैसा वसूल रहे हैं। विरोध करने पर वाहन चालकों को धमकाया जाता है, जिससे डर के कारण लोग चुपचाप रुपये थमाने को मजबूर हैं।
स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं का दर्द छलक पड़ा। उनका कहना है कि आस्था की यात्रा को लूट का साधन बना दिया गया है। हम पूजा-पाठ और स्नान के लिए जा रहे हैं, लेकिन रास्ते में जबरन वसूली से मन आहत हो जाता है,ऐसा कहना है कई यात्रियों का। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे वसूली करने वालों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब टैक्सी स्टैंड अपने निर्धारित स्थल पर मौजूद ही नहीं है, तो आखिर किस अधिकार से वहां वसूली की जा रही है? क्या यह सब स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की जानकारी में हो रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं?
अब जनपदवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जनता की मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध रूप से संचालित टैक्सी स्टैंड को तत्काल हटवाया जाए और जबरन वसूली करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिले और यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
