
सर्वाधिक फर्जी फर्म जिले के सदर, मिठौरा, सिसवां ब्लॉक में संचालित
धरातल पर न दुकान, न सामग्री सिर्फ कागजी खेल से अरबों का गोरखधंधा
सचिव प्रधान की मिली- भगत, अधिकारी चुप
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद के सदर घुघली, नौतनवा, फरेंदा, पनियरा, धानी, मिठौरा आदि ब्लाक में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के नाम पर फर्जी फर्मों से करोड़ों रुपये का गबन किया जा रहा है। जांच से यह साफ हुआ है कि ब्लाक की अधिकांश पंचायतों में जिन फर्मों के बिल लगे हैं, धरातल पर ऐसी कोई दुकान या मटेरियल सप्लाई का अता-पता तक नहीं है।
सिर्फ कागजों पर कारोबार, सरकार को चूना फर्जी फर्मों के नाम पर रेत, मोरंग, गिट्टी और पत्थर जैसे खनिजों की आपूर्ति दर्शाकर न केवल रकम आहरित की जा रही है बल्कि रॉयल्टी चोरी का भी खेल चल रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मात्र जीएसटी नंबर लेकर इन फर्मों ने भारी भुगतान उठा लिया है। इनकम टैक्स विभाग और वाणिज्य कर विभाग की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सचिव व ग्राम प्रधान के चहेतों की फर्म
इस गोरखधंधे में ग्राम पंचायतों के सचिव और प्रधान की मिली-भगत खुलकर सामने आई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई सचिव व प्रधान अपने चहेतों के नाम से फर्जी फर्म खड़ी करा कर पंचायत से मोटी रकम उठवा रहे हैं। हाल ही में सामने आई वैष्णवी ट्रेडर्स काल्पनिक नामक फर्म का कोई अस्तित्व जमीन पर नहीं मिला। मौके पर न दुकान,न गोदाम फिर भी ब्लाक के कई गांवों से इस फर्म के बिल लगाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। एक ही काम अलग- अलग फर्म और तीन बिल हाल ही के भुगतान की सूची भी कई सवाल खड़े कर रही हैं। 17 जुलाई 2025 को पटेल ब्रदर्स टेंडर्स के नाम पर पंचम राज्य वित्त से ₹3011.94 का भुगतान किया गया।
16 जुलाई 2025 को एक दिन पहले ही 15 वीं राज्य वित्त से ₹3194 का भुगतान दर्शाया गया। 5 जुलाई 2025 को विश्वजीत इंटरप्राइजेज के नाम से 15 वीं राज्य वित्त से ₹3752 का भुगतान किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब काम एक ही फर्म से कराया गया तो तीन अलग- अलग फर्मों से बिल क्यों लगाए गए? आखिर लागत मूल्य अलग-अलग क्यों दर्शाया गया?जिम्मेदार मौन इतने बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े पर विभागीय अधिकारी अब तक खामोश हैं।
इस संबंध में मिठौरा बीडीओ राहुल सागर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।