शिक्षा से रोजगार तक—युवा उम्मीदों का भविष्य कौन सँवारेगा?

✍️ डॉ. सतीश पाण्डेय

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। देश का भविष्य उसके युवाओं पर टिका है, और युवाओं का भविष्य शिक्षा और रोजगार की मजबूती पर, लेकिन आज सवाल यह है कि शिक्षा से लेकर रोजगार तक की लंबी यात्रा में युवाओं का भविष्य आखिर कौन सँवारेगा?
युवा उम्मीदें आसमान छू रही हैं, मगर जमीनी हकीकत में चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी दिखाई दे रही हैं।

देश में हर साल लाखों युवा कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों से डिग्री लेकर निकलते हैं, लेकिन उनमें से बड़ी संख्या को मनपसंद रोजगार नहीं मिल पाता। शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है। कागजों पर सुधारों के अनगिनत दावे, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश संस्थानों में न तो आधुनिक शिक्षा पद्धति है,न ही उद्योग आधारित प्रशिक्षण। युवाओं की बढ़ती संख्या डेमोग्राफिक डिविडेंड कही जाती है, लेकिन यदि उन्हें सही अवसर न मिले तो यही शक्ति देश की चुनौती बन सकती है।

तकनीक से संचालित दुनिया में कौशल की मांग लगातार बदल रही है, लेकिन कई युवा पुरानी शिक्षा प्रणाली के कारण आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार नहीं हो पा रहे। रोजगार के अवसर भी नए–नए क्षेत्रों में खुल रहे हैं—स्टार्टअप, डिजिटल मार्केट, एआई, एड-टेक, ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन क्षेत्रों में काम करने के लिए विशेषज्ञता की जरूरत है, जो हर युवा को उपलब्ध नहीं है।इसके अलावा सरकारी नौकरियों में सीमित पद, प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती भीड़, और निजी क्षेत्र में अस्थिरता युवाओं की चिंता बढ़ा रही है।देश में कौशल विकास, स्टार्टअप इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार योजनाएं और कई स्किल मिशन चल रहे हैं।

ये भी पढ़ें – तकनीक, तरक्की और परिवर्तन—किस ओर बढ़ रहा है देश?

लेकिन सवाल यह भी है कि इन योजनाओं का लाभ कितने युवाओं तक पहुंच रहा है? क्या ये योजनाएं युवाओं की उम्मीदों और जरूरतों के अनुरूप हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि देश को शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार,रोजगार आधारित प्रशिक्षण और उद्योग– शिक्षा साझेदारी की सख्त जरूरत है।अगर यह नहीं हुआ तो डिग्रियों की भीड़ बढ़ती रहेगी, लेकिन अवसरों की कमी युवाओं की उड़ान को रोक देगी युवा देश की रीढ़ हैं—उनकी प्रतिभा, उनकी ऊर्जा और उनके सपने ही भारत को नई ऊंचाई देंगे।

लेकिन यह तभी संभव है जब शिक्षा से लेकर रोजगार तक की हर कड़ी मजबूत हो और इसी के साथ सबसे अहम सवाल युवा उम्मीदों का भविष्य कौन संवारेगा? नीतियां, नेतृत्व या व्यवस्था—जिम्मेदारी किसकी है। देश के करोड़ों युवाओं की निगाहें जवाब का इंतज़ार कर रही हैं।

ये भी पढ़ें – फ्लोरिडा में US-Ukraine मीटिंग, ट्रंप टीम जल्द मॉस्को में पुतिन से करेगी अहम वार्ता — शांति योजना पर तेज हुई हलचल

Karan Pandey

Recent Posts

होमगार्ड भर्ती परीक्षा: महराजगंज में 3 दिन ट्रैफिक अलर्ट, भारी वाहनों की एंट्री बंद

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 परीक्षा को शांतिपूर्ण और जाममुक्त तरीके से…

9 hours ago

मन को हल्का बनाएं, अपेक्षाओं से दूरी बढ़ाएं

— नवनीत मिश्रमनुष्य का जीवन अपेक्षाओं के ताने-बाने से बुना हुआ है। हम हर दिन,…

9 hours ago

संतकबीरनगर में गैस सिलिंडरों से भरी DCM दुर्घटनाग्रस्त, चालक की जान बची

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में सोनी होटल के पास गैस सिलिंडरों से…

9 hours ago

नेपाल सड़क हादसे के घायलों से मिले डीएम-एसपी, बेहतर इलाज के दिए निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नेपाल में हुए सड़क हादसे में घायल लोगों का हाल-चाल लेने…

18 hours ago

पहली बार सैनिक कल्याण भवन में ‘सैनिक बन्धु’ बैठक, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। नवनिर्मित सैनिक कल्याण भवन में पहली बार आयोजित ‘सैनिक…

18 hours ago

बीच चौराहे पर दबंगों का हमला, शादी का सामान लूटा, युवक गंभीर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के मेहदावल थाना क्षेत्र के नगर पंचायत मेहदावल…

18 hours ago