डेजर्ट सफारी से लेकर सोनार किले तक, जैसलमेर का पूरा ट्रैवल गाइड

सर्दियों में घूमने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

इस समय देश के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में लोग उन जगहों पर घूमना पसंद करते हैं, जहां गुनगुनी धूप के साथ एडवेंचर का भी भरपूर आनंद मिले। अगर आप भी कुछ अलग और यादगार ट्रिप की तलाश में हैं, तो राजस्थान की गोल्डन सिटी जैसलमेर आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।
सर्दियों में जैसलमेर का मौसम घूमने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। यहां आपको दुबई जैसी फीलिंग देने वाली डेजर्ट सफारी, रेत के सुनहरे टीले और साफ आसमान में टिमटिमाते सितारे देखने का मौका मिलता है।

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दिल्ली से जैसलमेर पहुंचना भी काफी आसान है। अगर आप सेफ्टी और बजट दोनों का ध्यान रखते हैं, तो ट्रेन सबसे अच्छा विकल्प है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से जैसलमेर के लिए कई ट्रेनें उपलब्ध हैं। करीब 15 घंटे का सफर तय कर शाम 6 बजे चलने वाली ट्रेन आपको सुबह 9 बजे जैसलमेर पहुंचा देती है। टिकट पहले से बुक करना बेहतर रहेगा। चाहें तो फ्लाइट से भी सीधे जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं।
जैसलमेर में घूमने वाली प्रमुख जगहें
यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल सोनार किला
जैसलमेर का सोनार किला दूर से ही अपनी सुनहरी आभा से आकर्षित करता है। इस किले के अंदर पतली रंगीन गलियां, खूबसूरत हवेलियां, मंदिर, तोपें और म्यूजियम हैं। खास बात यह है कि यह किला आज भी एक जीवंत शहर की तरह है, जहां लोग रहते हैं।

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सम सैंड ड्यून्स: डेजर्ट सफारी का असली मज़ा
अगर आप रेगिस्तान को उसके असली रूप में देखना चाहते हैं, तो सम सैंड ड्यून्स जरूर जाएं। यह जगह जैसलमेर से लगभग 40 किमी दूर है। यहां पहुंचने के लिए प्राइवेट कैब, टैक्सी या बाइक सही विकल्प है।
यहां आपको ये अनुभव मिलेंगे—
जीप सफारी (दुबई जैसी फीलिंग)
ऊंट सफारी
लोकगीत और पारंपरिक राजस्थानी नृत्य
डिनर, ब्रेकफास्ट और डेजर्ट कैंपिंग
ध्यान रखें, कैंप बुकिंग मौके पर जाकर करें। ऑनलाइन बुकिंग में फ्रॉड का खतरा हो सकता है।
तनोट माता मंदिर और लोंगेवाला वॉर म्यूजियम
पाकिस्तान सीमा के पास स्थित तनोट माता मंदिर आस्था और इतिहास दोनों के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर को भारतीय सेना ने विकसित किया है। यहां तक जाने के लिए राजस्थान रोडवेज की बसें भी उपलब्ध हैं। मंदिर से करीब एक घंटे की दूरी पर लोंगेवाला वॉर म्यूजियम है, जहां 1971 के युद्ध की गाथा देखने को मिलती है।
पटवों की हवेली
जैसलमेर की सबसे प्रसिद्ध हवेलियों में शामिल पटवों की हवेली विदेशी पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। नक्काशीदार पत्थरों से बनी यह हवेली राजस्थानी स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है।
आप चाहें तो दो रात और तीन दिन में जैसलमेर की खूबसूरती, एडवेंचर और संस्कृति का पूरा आनंद लेकर वापस लौट सकते हैं। अगर आप भी सर्दियों में घूमने का प्लान बना रही हैं, तो जैसलमेर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकती है।

Editor CP pandey

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