कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में मंगलवार सुबह से ही मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद पहले तीन घंटों में ही 20.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार कई जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और लोग लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई दिए।
निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सुबह नौ बजे तक पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 20.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद हुगली में 20.16 प्रतिशत, नदिया में 18.50 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 17.81 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 17.28 प्रतिशत, दक्षिण 24 परगना में 17.25 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 16.81 प्रतिशत मतदान हुआ।
हालांकि कुछ इलाकों से मामूली तनाव और बहस की घटनाएं सामने आईं, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां 1,448 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही है। कुल 3,21,73,837 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग ने 41,001 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनकी वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जा रही है।
इस चुनाव का सबसे चर्चित केंद्र भवानीपुर बना हुआ है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिल रही है। भवानीपुर को तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक रैलियों, तीखी बयानबाजी और लगातार हो रहे रोड शो ने इस सीट को हाई प्रोफाइल बना दिया है।
भवानीपुर में मतदान से पहले तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। चक्रबेरिया रोड इलाके में टीएमसी और भाजपा समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस और केंद्रीय बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। हालात को नियंत्रित करने के लिए सीआरपीएफ ने फ्लैग मार्च निकाला और कई स्थानों पर ह्यूमन चेन बनाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।
मतदाताओं में किसी तरह का भय न रहे, इसके लिए चुनाव आयोग ने भवानीपुर समेत कई संवेदनशील इलाकों में ड्रोन निगरानी शुरू की है। संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मतदाता बिना किसी दबाव और डर के मतदान कर सकें, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
भवानीपुर सीट राजनीतिक रूप से इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यहां बंगाली, गुजराती, पंजाबी और मारवाड़ी समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर का परिणाम केवल एक सीट का नतीजा नहीं होगा, बल्कि यह पूरे बंगाल के राजनीतिक मूड का संकेत देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आक्रामक चुनावी रैलियों ने इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी लगातार भाजपा पर हमलावर रहीं। अब 4 मई को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ता वापसी होगी या भाजपा इतिहास रचेगी।
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