बिहार सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अपने ही अंदाज में दी, मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि
भाटपार रानी/ देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन से जहां देशभर में शोक की लहर है। वहीं इस निधन की खबर सुनकर भावुक हुए देश के चर्चित अंतर्राष्ट्रीय रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने भी अपनी अनोखी कलाकृति के जरिए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने शुक्रवार की सुबह में खुद के 5 घंटो के अथक मेहनत के जरिए दुनिया की सबसे छोटी पीपल के हरे पत्तियों में पूर्व प्रधानमंत्री की अद्भुत व अकल्पनीय तस्वीर उकेर लिख दिया रिप डॉ मनमोहन सिंह वहीं उनके प्रति अपनी संवेदना प्रकट कर मौन धारण की। सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने मीडिया को बताया कि नरसिम्हा राव को देश में आर्थिक उदारीकरण का जनक माना जाता है। उनकी नीतियों को लागू करने में मनमोहन सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। 1991-96 तक देश के वित्त मंत्री रहे। उस दौरान पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री थे।बता दें कि डॉ मनमोहन सिंह 92 साल के थे। उन्होंने गुरुवार की संध्या को दिल्ली के AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी स्वास्थ्य कारणों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। दरअसल, गुरुवार की शाम अचानक बेहोश होकर घर में ही गिर पड़े। इसके बाद उन्हें एम्स की इमरजेंसी में लाया गया। लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने रात 9 बज कर 51 मिनट पर दुनिया को अलविदा कहा। सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की सबसे खास बात है कि ये अक्सर देश और विदेशों में भी हुए प्राकृतिक व मानवीय घटनाएं व ज्वलंत सभी मुद्दों पर अपनी बेमिसाल कलाकृति बनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने में जुटे रहते हैं। गौरतलब है कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की कलाकृति को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व गवर्नर समेत कई राजनैतिक, प्रशासनिक व फिल्मी हस्तियां भी इनके कला की प्रशंसा कर चुके हैं। इतना ही नहीं सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र देश दुनियां के कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का जादू बिखेर कर अपना देश और राज्यों को निरंतर गौरवान्वित करते आ रहे है। इस मौके पर उपस्थित दर्जनों शिक्षाविद् प्रबुद्ध लोगों ने भी सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की कलाकृति की सराहना कर देशहित में महतपूर्ण योगदान के लिए डॉ मनमोहन सिंह को याद कर विनम्र श्रद्धांजलि भी दी।
🔱 शास्त्रों में शिव—धर्म की जड़, आस्था की धड़कन और मोक्ष का महाद्वार ने हमें…
भारत और विश्व इतिहास में 16 जनवरी वह तिथि है, जब सिनेमा, साहित्य, समाज सुधार,…
शुक्रवार 16 जनवरी का महासंयोग: वाशी योग से चमकेगा भाग्य, करियर–धन–सम्मान में बड़ी बढ़त (ज्योतिष…
16 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास और विश्व पटल पर इसलिए विशेष माना जाता है…
आज का अंक राशिफल: कौन-सा मूलांक बदलेगा आपकी किस्मत? जानिए पूरा भविष्यफल ज्योतिष शास्त्र की…
📜 इतिहास के पन्नों में 16 जनवरी: युद्ध, विज्ञान, राजनीति और सत्ता परिवर्तन की यादगार…