राँची (राष्ट्र की परम्परा)। चंदनकियारी प्रखंड परिसर में नौ सूत्री मांगों को लेकर मुखिया संघ के आह्वान पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने पर शुक्रवार को बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने धरना स्थल पहुंचकर पंचायत प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
मुलाकात के दौरान उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद मुखिया संघ ने अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की।
अमर कुमार बाउरी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के 15वें वित्त आयोग का फंड नहीं मिलने से त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे जनता की समस्याओं का समाधान रुक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के हित में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
इसी दौरान उन्होंने फोन पर जिलाधिकारी से यह भी पूछा कि धरना अवधि में प्रशासन का कोई प्रतिनिधि मिलने क्यों नहीं पहुंचा। उपायुक्त ने बताया कि वे “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम में व्यस्त थे, और अब जल्द ही मुखिया संघ के प्रतिनिधियों से मिलने का समय निर्धारित कर दिया गया है।
मुखिया संघ की प्रमुख मांगें:
• दो वित्तीय वर्षों का 15वें वित्त आयोग का बकाया फंड जारी किया जाए
• राज्य वित्त आयोग का फंड आवंटन
• आवास योजना में मुखिया का हस्ताक्षर अनिवार्य किया जाए
• मुखिया को 30 लाख का बीमा कवर
• केरल की तर्ज पर मानदेय लागू करना
• “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम का खर्च मुखिया को दिया जाए
• पंचायतों को DMFT फंड का अधिकार मिले
इन मुद्दों को लेकर प्रतिनिधि कई दिनों से धरने पर बैठे थे, जिसे अब आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है।
