उद्यान विभाग के स्वर्णिम 50 वर्ष समारोह में की सहभागिता
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो. दिव्या रानी सिंह को उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 के अंतर्गत डेयरी उद्यमियों की इकाइयों की स्थापना, मार्गदर्शन तथा योजना अनुमोदन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। प्रशस्ति पत्र विभाग के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा सहित मंडल के कई विधायकों की उपस्थिति रही।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. दिव्या रानी सिंह को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को अपने शिक्षकों के श्रेष्ठ प्रदर्शन पर गर्व है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रो. सिंह के समन्वय से अनेक महिला उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं का लाभ मिला तथा स्वयं–रोजगार के नए अवसर विकसित हुए। उनके प्रयासों ने प्रदेश में महिला उद्यमिता को नई दिशा प्रदान की है।
इसी क्रम में उन्होंने उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम 50 वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित मंडलीय औद्योगिक उन्नयन गोष्ठी में भी सहभागिता की। यह कार्यक्रम 3 दिसंबर को बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह, गोरखपुर में आयोजित किया गया। गोष्ठी में बस्ती एवं गोरखपुर मंडल के उद्यान विकास, आधुनिक कृषि तकनीक, फल–सब्ज़ी उत्पादन बढ़ाने, बाज़ार विस्तार तथा प्रसंस्करण इकाइयों को सशक्त करने संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यान, कृषि–विपणन, कृषि एवं निर्यात प्रोत्साहन तथा डेयरी विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, उद्यमियों और महिला स्व–सहायता समूहों को उद्यान एवं प्रसंस्करण क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है।
यह उपलब्धियाँ प्रो. दिव्या रानी सिंह की महिला सशक्तिकरण, खाद्य प्रसंस्करण और उद्यमिता विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हैं।
