मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्साह, उमंग और संस्कृति के रंगों से सजा 10 दिवसीय स्वदेशी मेला रविवार को एक यादगार शाम के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में भोजपुरी लोकगायकी के प्रसिद्ध सितारे गोपाल राय और नंदन-चंदन बंधु ने अपनी मधुर आवाज़ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही मंच पर दीपावली, धनतेरस और छठ महापर्व से जुड़े गीतों की गूंज उठी, पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
इंटरनेशनल ट्रेड शो के तहत आयोजित इस स्वदेशी मेले में स्थानीय कला, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की झलक पूरे आयोजन में देखने को मिली। समापन अवसर पर नंदन-चंदन बंधु ने पारंपरिक लोकगीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया, वहीं गोपाल राय ने अपनी आवाज़ से आत्मनिर्भर भारत की भावना को गीतों में पिरो दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिलाध्यक्ष राम आश्रय मौर्य द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि “स्वदेशी मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोककला के पुनर्जागरण का प्रतीक है।”
समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाले उद्यमियों, शिल्पकारों और कलाकारों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही जिन्होंने पूरे जोश और गर्व के साथ भारतीय लोकसंस्कृति के इस उत्सव का आनंद लिया।
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